मेरठ। मेडिकल कॉलेज और सरदार पटेल कृषि विवि के साथ विकास भवन के सभी कार्यालय सौर ऊर्जा से जगमग होंगे। सरकार सभी सरकारी विभागों की छतों पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन करना चाहती है। इससे बिजली के संकट से भी छुटकारा मिलेगा। मेडिकल जैसे संस्थानों में बिजली की कमी के चलते कोई मशीन भी बंद नहीं रहेगी। साथ ही उत्पादन होने वाले बिजली को ग्रिड में बेचकर राजस्व की प्राप्ति भी होगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।
संस्थान नं. एक
मेडिकल कॉलेज बड़े क्षेत्रफल में फैला है। मेडिकल कॉलेज में जहां छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं वहीं प्रतिदिन सैकड़ों लोग विभिन्न बीमारियों का इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। वैसे तो मेडिकल में एक मेगावॉट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगा है। बिजली का भी कनेक्शन है। लेकिन आंधी, तेज बारिश और बिजली कटौती के कारण मेडिकल कॉलेज में समस्या बनी रहती है। अब मेडिकल कॉलेज में नेडा के प्रस्ताव पर एक मेगावॉट सोलर पावर प्लांट अतिरिक्त लगाने की कार्य योजना तैयार की गई है। इसके बाद सोलर पावर प्लांट की क्षमता बढ़कर दोगुनी हो जाएगी और आगामी 20 साल तक बिजली की आपूर्ति होती रहेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज की इमारतों की छतों की पैमाइश के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
संस्थान नं. दो
सरदार पटेल कृषि विवि मोदीपुरम में बिजली कनेक्शन के साथ एक मेगावॉट क्षमता का सोलर पावर भी प्लांट लगा है। बिजली की खपत अधिक होने के कारण नेडा ने विवि प्रशासन के सामने सोलर पावर प्लांट की क्षमता दोगुनी करने का प्रस्ताव रखा है। यानी एक मेगावॉट क्षमता का अतिरिक्त सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। यूपी नेडा परियोजना प्रभारी ने बताया कि विवि प्रशासन से पत्र व्यवहार हो चुका है। शासन स्तर पर भी वार्ता चल रही है।
संस्थान नं. तीन,
कचहरी परिसर स्थित विकास भवन बिल्डिंग में एक दर्जन से भी अधिक विभागों के कार्यालय हैं। पूरे विकास भवन के लिए 56 किलोवॉट का बिजली कनेक्शन है। 20 किलोवॉट क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट भी लगा है। कम क्षमता का सोलर प्लांट होने के कारण उसका लाभ सभी विभागों को नहीं मिल रहा है। दो सप्ताह पहले आई आंधी के कारण विद्युत लाइन टूट गई थी, जिसके बाद विकास भवन में सौर ऊर्जा का उपयोग किया गया, लेकिन सभी विभागों तक बिजली नहीं पहुंच पाई। अब विकास भवन की छत पर लगे सोलर पावर प्लांट की क्षमता 20 से बढ़ाकर 60 किलोवॉट करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
सभी सरकारी बिल्डिंगों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की योजना
सरकार की मंशा है कि सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल कॉलेज और अन्य इमारतों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाएं। इसके लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है। सभी विभागों के साथ पत्र व्यवहार किया जा रहा है। सभी विभागों ने भी शासन स्तर से बजट मांगा हुआ है। मेडिकल कॉलेज, स.पटेल विवि, एमडीए बिल्डिंग और विकास भवन प्राथमिकता पर हैं।मेडिकल प्रशासन ने शासन से छत के लिए स्वीकृति मांगी है। चालू वित्तीय वर्ष में कई सरकारी बिल्डिंगों पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। - प्रमोद शर्मा, परियोजना प्रभारी, यूपी नेडा।