सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 20 करोड़ की लागत से बन रही सेंट्रल लाइब्रेरी को एमडीए की टीम ने नक्शा पास न होने पर सील कर दिया। इसके बाद टीम ने मोदी कांटीनेंटल टायर कंपनी में बन रहे गोदाम को भी सील किया।
कृषि विवि में सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई जा रही है। इसके निर्माण के लिए एमडीए से अनुमति नहीं ली गई थी। बुधवार शाम एमडीए के संयुक्त सचिव बैजनाथ सिंह और जेई भानू प्रकाश वर्मा के नेतृत्व में टीम पहुंची। टीम ने वहां काम बंद कराकर बिल्डिंग सील कर दी। इसके बाद टीम मोदीपुरम की कांटीनेंटल टायर कंपनी पहुंची। यहां एक गोदाम में मरम्मत का काम चल रहा था। इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। एमडीए ने 28 दिसंबर को कार्य बंद कराने के लिए पत्र भेजा। जिसके बाद कंपनी ने कार्य बंद करा दिया। कंपनी ने अपना जवाब भी एमडीए को भेज दिया था। वहीं अधिकारियों ने मानक पूरे न मिलने पर गोदाम पर सील लगा दी। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि अनुमति के लिए सभी दस्तावेज भेज दिए गए हैं। सील लगाने के बाद एमडीए की टीम वहां से लौट गई। उधर एमडीए के संयुक्त सचिव बैजनाथ सिंह का कहना है कि एमडीए से अनुमति नही ली गई थी। जवाब में जो पत्र भेजा था, वह नहीं मिला, उसके लिए लिपिक का जवाब तलब किया जा रहा है।
गलतफहमी में पहुंची टीम
मोदी कांटीनेंटल कंपनी के सीनियर चीफ मैनेजर प्रदीप राय का कहना है कि 28 दिसंबर को पत्र मिलने के बाद काम को बंद करा दिया गया था। कोई नया काम नहीं हो रहा था। पूर्व में बना गोदाम क्षतिग्रस्त हो गया था। उसे सही कराया जा रहा था। एमडीए को दस्तावेज भेजे गए थे, लेकिन टीम गलतफहमी में वहां पर पहुंच गई।