गंगानगर बी ब्लॉक में बृहस्पतिवार को एमडीए अधिकारियों ने विरोध के बीच 26 एलआईजी भूखंडों को कब्जा मुक्त कराया। पुलिस और पीएसी लेकर पहुंचे एमडीए के दस्ते का जमकर विरोध हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों से महिलाएं उलझ गई और जेसीबी के आगे जमकर बैठ गई। बावजूद इसके टीम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया।
गंगानगर बी ब्लॉक में एक निजी स्कूल के पीछे एमडीए की जमीन है। जिसके सामने कॉलोनी बनी है। लोगों के मुुताबिक उन्हें पार्क व रास्ते की सुविधा नहीं दी हुई है, पर फिर भी वह टैक्स अदा करते हैं।
जिसके लिए वह सामने पड़ी खाली जगह का प्रयोग करते है। वहीं, कुछ लोग खाली स्थान पर टीनशेड डालकर पशुओं को बांधते है। कॉलोनी के लोगों के मुताबिक उन्होंने इस पर केस डाला हुआ है। बृहस्पतिवार दोपहर एमडीए से एक्सईएन एपी सिंह, एसीएम ज्योति राय, तेजवीर सिंह, रामभूल ,नरेश शर्मा आदि की टीम ने पुलिस और पीएसी साथ लेकर जेसीबी से अतिक्रमण हटाना शुरू किया।
कॉलोनी की कुछ महिलाएं विरोध जताते हुए जेसीबी के आगे आ गई और कुछ ने पथराव कर दिया। हंगामा बढते देख मौके पर इंचौली और भावनपुर पुलिस भी पहुंच गई। इंस्पेक्टर गंगानगर एपी सिंह ने महिलाओं को किसी तरह समझाकर जेसीबी के सामने से हटाया। करीब एक घंटे चली कार्रवाई में सभी प्लॉटों को कब्जा मुक्त कराया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि कई माह पूर्व एमडीए सचिव की ओर से कब्जाधारक सुबोध और सुरेंद्र पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। जिसके आधार पर ये कार्रवाई की गई है।
पहले शह दी, अब तोड़ रहे हो
वहां मौजूद महिलाओं ने आरोप लगाया कि पहले तो प्लॉट प्रयोग में लेने के लिए खूब पैसा खाया और अब खुद ही तुड़वाने आ गए। महिलाओं ने सभी के सामने खरीखोटी सुनाई। एमडीए कर्मचारियों पर महिलाओं की बातों का जवाब नहीं बना और चुपचाप कार्रवाई में जुटे रहे। इस दौरान कई फलदार हरे पेड़ भी तोड़ दिए जो लोगों ने अपने घरों के आगे लगाए हुए थे।
सिपाही पर लगाए आरोप
महिलाओं और लोगों ने कॉलोनी में रहने वाले सिपाही पर कार्रवाई कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके घर के सामने की जमीन उसे प्रयोग करने के लिए नहीं मिल रही थी। एमडीए की टीम के जाने के बाद महिलाओं ने सिपाही के घर पर पथराव करने की कोशिश की। घर के सामने रास्ते को दीवार द्वारा बंद करने का आरोप लगाया। पुलिस ने उन्हें किसी तरह समझाया।