कॉलोनियों को हैंड ओवर करने के मामले में एमडीए अधिकारियों की लापरवाही खुलकर सामने आ गई है। एमडीए लिपिकों ने वह पत्र ही गायब कर दिया, जिसमें मेयर ने पांच कॉलोनियों को टेक ओवर करने को कहा था और योजना प्रभारी ने भी इस पर कार्ययोजना बनाने की बात कही थी। शुक्रवार को इस बाबत योजना प्रभारी अरुण शर्मा ने कागजात मंगाए तो इसकी जानकारी हुई। उन्होंने कहा है कि पत्र की तलाश करें, नहीं तो कार्रवाई होगी।
यह पत्र सीटीपी केके गौतम ने योजना प्रभारी सहायक अभियंता अरुण शर्मा को प्रेषित किया था। उन्होंने संबंधित लिपिकों और जेई को पत्र भेजकर कहा कि इस पर तत्काल कार्रवाई शुरू की जाए। शुक्रवार को अरुण शर्मा ने इस पर रिपोर्ट मांगी तो यह पत्र ही नहीं मिला। लिपिक एक दूसरे पर पत्र होने की बात कहकर पल्ला झाड़ते रहे।
कॉलोनी हैंडओवर करने में नहीं है दिलचस्पी
एमडीए तथा नगर निगम अधिकारी कॉलोनियों के विकास को लेकर गंभीर नहीं है। दरअसल यह काम उन्हें व्यर्थ लगता है क्योंकि यह मामला जन हित का है। अब अमर उजाला ने इस प्रकरण को उठाया तो अब इस पर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
एमडीए में वीसी से करेेंगे शिकायत
हैंड ओवर का इंतजार कर रही कॉलोनी मोतीप्रयाग सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा का कहना है कि वे इस बाबत लोगों के साथ एमडीए वीसी से जाकर बात करेंगे। आखिर क्यों इस मामले को नहीं निपटाया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा।