जानकारी लेती मेयर सुनीत वर्मा।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में सड़क बनाने में हुए भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ तो नगर निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वहीं शुक्रवार को महापौर सुनीता वर्मा ने नगर निगम कार्यालय पहुंच कर नगर आयुक्त और निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसके बाद ट्रांसपोर्ट नगर में मौके पर पहुंचकर घोटाले की सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर ही नगर निगम के इंजीनियर यशवंत कुमार, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता राजवीर सिंह समेत सभी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
महापौर ने कहा कि भ्रष्टाचार करके अधिकारियों ने नगर निगम को बदनाम किया है। वहीं इस मामले में नगर आयुक्त ने जांच कमेटी गठित कर दी है। तीन दिन के अंदर सभी अधिकारियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा।
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उन्होंने चीफ इंजीनियर से कहा कि भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि सरकार ने जनता के विकास के लिए पैसा दिया है, इसको अधिकारियों की जेब में नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, टीपी नगर के गुप्ता कॉलोनी नवीन मंडी के गेट नंबर-2 को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है। इसी मामले को लेकर महापौर सुनीता वर्मा ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।