मवाना के रजिस्ट्रार कानूनगो निलंबित
भूमाफिया के साथ मिलकर करोड़ों रुपये कीमत की जमीन के बंदरबांट का आरोप
डीएम की कार्रवाई से तहसील में मचा हड़कंप, कई मामलों में की जा चुकी है शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। भूमाफिया से गठजोड़ कर करोड़ों की जमीन का बंदरबांट करने के आरोपों से घिरे मवाना तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो बिजेंद्र कुमार पर आखिरकार गाज गिर ही गई। डीएम ने उन्हें निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है।
बिजेंद्र कुमार एक दशक से मवाना तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो के पद पर जमे हैं। उनके खिलाफ शिकायत थी कि उन्होंने भूमाफिया के साथ मिलकर गांव गजुपुरा में झील की करीब 2500 बीघा जमीन का दूसरों के नाम पर दाखिल खारिज करा दिया है। राजस्व अभिलेखों में इस जमीन को जिनके नाम किया गया था, उनमें अधिकांश लोग दिल्ली के रहने वाले हैं।
इसके अतिरिक्त जमीन का हस्तांतरण मृतक आश्रित के नाम पर होना था, लेकिन उसको दूसरों के नाम करने का आरोप था। गंगा नदी की जमीन को भी पहले भूमाफिया के नाम बिकवाया गया। बाद में दाखिल खारिज कर दिया गया। नगर पंचायत की पांडवान स्थित जमीन पर भी बड़ा खेल करने की शिकायतें थीं। अवैध ढंग से बिक्री और दाखिल खारिज कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया। इसके अलावा एक व्यक्ति के ही नाम पर 20 एकड़ से अधिक का दाखिल खारिज नियम विरुद्ध तरीके से करने की भी शिकायत थी।
सभी मामलों में तहसील अधिकारियों से लेकर सीएम तक शिकायत की गई। रजिस्ट्रार कानूनगो के कारनामों का खुलासा अमर उजाला ने 23 अक्तूबर के अंक में किया था। उसके बाद से रजिस्ट्रार कानूनगो पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी। मामले में डीएम के. बालाजी ने रजिस्ट्रार कानूनगो बिजेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है।
भाजपा नेता ने की थी शिकायत
भाजपा नेता अशोक चौधरी ने रजिस्ट्रार कानूनो के कारनामों की शिकायत की थी। इसकी जांच डीएम ने तत्कालीन मवाना एसडीएम को दी थी। उनके द्वारा जांच लटकाए जाने पर और अशोक चौधरी की शिकायत पर इसकी जांच एसडीएम सदर को दी गई थी।