मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान का सबसे बड़ा असर मेरठ कैंट और मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में देखने को मिला है। इन दोनों विधानसभाओं में कुल मिलाकर 2.40 लाख वोट काटे गए हैं। अकेले मेरठ कैंट में 1,21,727 और मेरठ दक्षिण में 1,18,280 वोट कम हुए हैं। डीएम ने बताया कि एसआईआर अभियान से पहले जिले में मतदाताओं की कुल संख्या 26.90 लाख थी जो अब घटकर 21.93 लाख रह गई है।
ला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम डॉ. वीके सिंह ने बताया कि एक जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर ये प्रक्रिया पूरी हुई है। एसआईआर अभियान के प्रथम चरण में करीब 6.54 लाख वोट कटी थी। फॉर्म-6 से नए मतदाता और फॉर्म-7 मतदाता सूची से नाम हटाने का अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक ही मतदाता के नाम पर दो, तीन और कहीं-कहीं 10-10 वोट बनी हुई थीं। बीएलओ ने 2981 बूथों पर डोर-टू-डोर सर्वे कर ऐसी 4,96,177 फर्जी वोटों को चिन्हित कर सूची से हटाया। करीब 2.50 लाख मतदाताओं को दो बार नोटिस भी दिया गया ताकि वे 2003 की वोटर लिस्ट से मिलान कर अपनी वोट को सही करा सकें। फॉर्म-7 के माध्यम से भी सातों विधानसभाओं में 6,782 नाम हटाए गए हैं।