भाकियू अध्यक्ष को ग्रामीणों ने बताया कि शहीद सोहनवीर के परिजनों को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। सरकार उनके परिजनों को सम्मान देने के साथ शहीद सोहनवीर के नाम पर स्कूल का नामकरण करे और गांव में शहीद की प्रतिमा लगवाए। कहा कि जिस तरह कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों की सरकार ने सहायता की, ठीक उसी तरह आतंकवादी या अन्य हमलों में अपने प्राण गंवाने वाले अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को भी शहीद का दर्जा देकर परिजनों की सहायता सरकार को करनी चाहिए।
सरकार किसानों की नहीं सुन रही, आंदोलन के लिए तैयार रहें
नरेश टिकैत ने किसानों के साथ बातचीत की और कहा कि सरकार किसानों की नहीं सुन रही है। कई शुगर मिलों पर गन्ने का भुगतान बकाया है। किसान पाई पाई के लिए मोहताज है। किसानों को आंदोलन के लिए तैयार रहना चाहिए।
किसानों से एकजुटता की अपील की। आपसी मनमुटाव दूर करने के लिए एक दूसरे के सुख-दुख में शामिल होने के लिए कहा। कहा, अग्निवीर योजना युवाओं के लिए धोखा है। इससे युवाओं के सपनों को ठेस पहुंची है।