कारगिल युद्ध में शहीद हुए मेजर मनोज तलवार की प्रतिमा को जल्द सम्मान मिलेगा। अमर उजाला ने शहीद की प्रतिमा की अनदेखी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया तो सोमवार को छात्रों ने कमिश्नरी से पैदल मार्च निकाला और एमडीए के वीसी का घेराव कर नारेबाजी की।
छात्रों ने वीसी को दो दिन का समय देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। वीसी ने आश्वासन दिया कि प्रतिमा को जहां से हटाया गया था, शीघ्र ही वहीं सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाएगा। मैं खुद ही जाकर प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करूंगा।
डीएन कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सम्राट मलिक के नेतृत्व में 40-50 छात्र सोमवार को कमिश्नरी से पैदल मार्च करते हुए एमडीए कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर सिविल लाइन पुलिस पहुंच गई। छात्रों ने वीसी एमडीए राजेश कुमार पांडे को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह पुलिस का मामला नहीं है। शहीद मेजर मनोज तलवार की प्रतिमा एमडीए ने दस साल पहले कमिश्नर आवास चौराहे से हटाई थी।
कारण चाहे कोई भी हो, अमर शहीद मनोज तलवार की प्रतिमा को अपने नियत स्थान से हटाए जाने के तरीके पर हमें घोर आपत्ति है। यदि चौराहे के कायाकल्प को ही कारण माना जाए तो कुछ समय के लिए प्रतिमा को हटाने की निश्चित प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए था।
प्रतिमा को सम्मानपूर्वक कहीं सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए था। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में पुन: उसी स्थान पर प्रतिमा को सम्मान के साथ स्थापित किया जाना चाहिए था।
छात्रों ने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों का स्थान हमारे हृदय में अनंत काल तक रहेगा। महापुरुषों व बहादुर योद्धाओं की प्रतिमा समाज के लिए अनुकरणीय प्रेरणा के प्रकाश पुंज के रूप में होती है। लेकिन शहीद मेजर मनोज तलवार के पिता का दुख कभी किसी अधिकारी ने नहीं समझा। चौराहे से हटाकर फुटपाथ पर लगाने से शहीद की प्रतिमा का अपमान हो रहा है।
एमडीए वीसी राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि शहीद की प्रतिमा की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। प्रतिमा जहां से हटाई गई थी जल्द ही वहीं पर स्थापित की जाएगी। छात्रों ने दो दिन में प्रतिमा स्थापित न होने पर एमडीए में धरना देने व आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान मेरठ कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री चीकू चौधरी, अनमोल, त्यागी, विजय मलिक, सीमांत यादव, सुमित यादव, शोएब अली सहित कई छात्र मौजूद रहे।
शहीद के पिता बोले- यह मेरी आखिरी जीत होगी
डिफेंस कालोनी निवासी मेजर मनोज तलवार 13 जून 1999 को कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे। शहीद मनोज के पिता कैप्टन पीएल तलवार बताते हैं कि साल 1964 में लेह हवाई अड्डे के निर्माण की मुझे ही जिम्मेदारी दी गई थी। मैंने उस समय सबसे ऊंचे हवाई अड्डे को अपनी देखरेख में बनवाया था। हमने देश के लिए हर चुनौती का बहादुरी से सामना किया।
कारगिल युद्ध में शहीद हुए मेजर मनोज तलवार की प्रतिमा का 23 जुलाई 2002 को कमिश्नर आवास चौराहे पर अनावरण किया गया था। दस साल पहले एमडीए ने कमिश्नर आवास चौराहे के कायाकल्प के नाम पर प्रतिमा को फुुटपाथ पर लगा दिया था, तभी से प्रतिमा की अनदेखी की जा रही है। मैंने अपने जीवन में हार नहीं मानी। सब जंग जीतीं। लेकिन जब मेरे शहीद बेटे की प्रतिमा उसी चौराहे पर स्थापित होगी तो वह मेरी आखिरी जीत होगी।