पीड़ितों की आवाज अधिकारियों तक पहुंची
अमर उजाला टीम ने मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक शाखा पर अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा करोड़ों के घोटाले को लेकर बेटियों के रिश्ते टूटने, शिक्षा से वंचित होना, पैसे के अभाव में बीमारों का इलाज न होना आदि विषयों की खबरों को प्रमुखता से उठाया था। जिसमें पीड़ितों ने एकजुटता के साथ बैंक घोटाले के आरोपियों के विरुद्ध ककरौली थाने में घपलेबाजी की तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई कराने की बात कही गई थी। जिसके चलते बैंक अधिकारियों में खलबली मच गई थी। आम जनता के दबाव के चलते अधिकारियों ने बुधवार को थाने पहुंच कर जांच के दौरान दोषी पाए पांचों आरोपियों के विरुद्ध तहरीर देकर मुकदमा कायम करने की पुलिस अधिकारियों से मांग की।
डिस्ट्रिक कोआपरेटिव बैंक खोले जाने की मांग
ककरौली स्थित भारतीय स्टेट बैंक के फर्जीवाड़े व विश्वासघात से आहत ग्रामीणों ने अब अपना पैसा भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में जमा नहीं करने का मन बना लिया है। पूर्व चेयरमैन सतीश कुमार, भाकियू तोमर ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार सिंह, रणवीर सिंह, प्रधान बबलू कुमार, जिला पंचायत सदस्य ज्ञानेंद्र सिंह, कृष्णपाल सिंह, गुड्डू, रविंद्र चौधरी, पूर्व प्रधान बलबीर सिंह, जगत सिंह, कालू हाजी, कामिल प्रधान आदि ग्रामीणों ने डिस्ट्रिक कोआपरेटिव डायरेक्टर व गांव प्रधान प्रकाशवीर बाबू जी से मिलकर अपने गांव की समृद्धि को बनाए रखने के लिए गांव में अन्य बैंक खोले जाने की बात रखी। जिसके चलते गांव प्रधान ने प्रदेश स्तरीय डिस्ट्रिक कोआपरेटिव बैंक मंत्री मुकुट बिहारी को गांव में बैंक की स्थापना करने के लिए प्रार्थना पत्र लिखा है और जिले पर होने वाली डिस्ट्रिक कोआपरेटिव बैंक की बोर्ड मीटिंग में यह मांग जोरशोर से उठाई है।
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