सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत उस वक्त सामने आई जब स्वास्थ्य मंत्री के पहुंचने से पहले ही जिला अस्पताल में सब कुछ चकाचक करा दिया गया। सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीज को नेबुलाइजर लगाया गया, लेकिन मंत्री के जाते ही हटा लिया गया।
दरअसल मंत्री के निरीक्षण की सूचना पहले ही पहुंच चुकी थी। इसलिए अस्पताल प्रशासन सब कुछ चकाचक करने में लग गया। मरीजों के बेड की चादरें बदली गईं। इमरजेंसी में भर्ती जानसठ क्षेत्र के मरीज लियाकत को नेबुलाइजर मशीन लगाई गई। जब तक मरीज कुछ समझ पाते सूचना आई कि मंत्री महिला अस्पताल का निरीक्षण करके लौट गए हैं। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड में लियाकत को लगाई गई नेबुलाइजर मशीन भी हटा ली गई। परिजनों ने बताया कि कल शाम से लियाकत को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, लेकिन ज्यादा आराम नहीं मिला। आज शाम मशीन लगाई गई लेकिन कुछ ही देर में हटा ली गई। वहीं महिला जिला अस्पताल में मंत्री ने मरीजों से बात की और जानकारी ली। अस्पताल में भर्ती फरजाना और इंचौली के नफीस से इलाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मिल रहे इलाज से संतुष्टि जाहिर की। मंत्री 15 मिनट में ही निरीक्षण कर चले गए।
नर्सरी देख खुश हुए ,पार्किंग पर नाराज
मंत्री ने अस्पताल में शिशुओं के लिए बनाई गई नर्सरी की व्यवस्था देख मंत्री खुश नजर आए। हालांकि सीढ़ियाें के नीचे खड़ी साइकिल आदि देख नाराजगी जताई। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि सिक्योरिटी गार्ड न होने से ऐसा हो रहा है। उन्होंने गार्ड की व्यवस्था का अनुरोध किया जिस पर मंत्री ने आश्वासन दिया। वहीं अस्पताल की प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक मनीषा ने बताया कि मंत्री ने व्यवस्थाओं की प्रशंसा की और मरीजों के वार्डों में एसी लगवाने को कहा है।