हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति व समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के सातवें दिन महाराज ने अपने प्रवचन में कहा पवित्र और शांत मन से ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। इसलिए हमें शांत रहकर भगवान की भक्ति करनी चाहिए।
विधानाचार्य नीतेश एवं दीपक शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। राकेश जैन ने स्वर्ण कलश से अभिषेक किया। शांतिधारा गिरीश जैन ने की। दीप का प्रज्ज्वलन प्रभा जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। आदिनाथ भगवान के पूजन के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाए। 101 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। इसमें मुख्य रूप से आदीश्वर प्रकाश जैन, पल्लवी जैन, प्रियदर्शनी, निरानी जैन, सुनीता जैन, जेसी जैन आदि रहे। भक्तामर पाठ का शुभारंभ कुणाल जैन ने संस्कृत भाषा में किया।
भाव भूषण महाराज ने कहा कि सभी श्रद्धालु प्रभु से यही प्रार्थना करना कि प्रभु मेरी भक्ति का फल यही देना कि मेरा मन पवित्र हो जाए। शांत हो जाए, मैं निरंतर धर्म कार्य में संलग्न रहूं। किसी और चीज की कामना मत करना। बस इतना फल मिल गया तो जीवन धन्य हो जाएगा।
विधान का विसर्जन राजीव जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन निशा जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन रानी, चंचल, सोनिया जैन ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन एसके जैन ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, प्रमोद जैन, अतुल जैन, शशांक जैन, जितेंद्र जैन, शशांक जैन आदि का सहयोग रहा।