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स्मृति शेष: रक्षामंत्री रहते हुए मनोहर परिकर ने मेरठ आकर सेना में भरा था जोश 

Mon, 18 Mar 2019 10:39 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • 21 जून 2015 को केंद्रीय रक्षामंत्री रहते हुए मेरठ आए थे मनोहर परिकर।
  • 14 अक्तूबर 2015 को स्टेडियम में किया था प्रतियोगिता का उद्घाटन।
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मनोहर परिकर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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मनोहर परिकर केंद्रीय रक्षामंत्री रहते हुए 21 जून 2015 को मेरठ आए थे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने मेरठ से सेना में भी जोश भरा था। दूसरी बार 14 अक्तूबर 2015 को भी मेरठ में कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

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सैन्य क्षेत्र में आयोजित योग शिविर में उन्होंने कहा था कि हम आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे। हम लड़ना नहीं चाहते। लेकिन मजबूरी में पीछे भी नहीं हटेंगे। उस समय उन्होंने पाकिस्तान समेत किसी देश का नाम नहीं लिया था। लेकिन बांग्लादेश का नाम लेकर कहा था कि हम उसके लिए लड़े ओर स्वतंत्र देश का दर्जा दिलाया। लेकिन उस पर राज नहीं किया।

आतंकवाद के खिलाफ उनके तेवर तल्ख थे। नक्सलवाद के मामलों में कहा था कि गृह मंत्रालय का मामला है। उन्होंने कहा था कि फौज में जवानों को हर समय स्वस्थ रहने की जरूरत है। योग आत्मविश्वास बढ़ाता है।

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पाकिस्तान जन्मजात विघटनकारी
14 अक्तूबर 2015 को केंद्रीय रक्षामंत्री मनोहर परिकर दूसरी बार मेरठ में थे। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में 36 वीं राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के शुभारंभ के समय भी उन्होंने खिलाड़ियों को हमेशा मेहनत करने की सलाह दी थी।

उस समय उन्होंने कहा था कि सीमा पर घुसपैठियों को नरमी से नहीं उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। हमारा रुख भी नजर आ रहा होगा। लेकिन विघटनकारी शक्तियों से निपटने के लिए जनता को भी देशहित में आगे आना होगा। 

सेल्फी की मची थी होड़
स्टेडियम में कार्यक्रम के दौरान मनोहर परिकर के साथ खिलाड़ियों और अन्य लोगों में सेल्फी लेने की होड़ मची थी। मनोहर परिकर ने खुद भी निशाना साधकर देखा था। कार्यक्रम में मौजूद लोग उनके व्यवहार और सादगी के कायल हो गए थे।
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अनुकरणीय व्यक्तित्व
उनका व्यक्तित्व अनुकरणीय था। उन जैसी ईमानदार और सादगी वाली छवि के नेता का जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी कर्मशीलता इसी से परिलक्षित होती है कि अंतिम समय तक काम करते रहे। -डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व अध्यक्ष यूपी भाजपा

जाने जाएंगे
मनोहर परिकर अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए हमेशा जाने जाएंगे। उनके जाने का पूरे देश को गहरा दुख पहुंचा है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। -चौ. जगत सिंह, पूर्व एमएलसी

गोवा के निर्माता
मनोहर परिकर सुलभता और आधुनिक गोवा के निर्माता के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे।  -डॉ. राजकुमार सांगवान, प्रदेश संगठन प्रभारी रालोद 
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