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एक्सरे बाहर कराओ, वहीं अच्छा होगा

Tue, 16 May 2017 02:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 सोशल मीडिया में मेडिकल कॉलेज की पोल खुलनी शुरू हो गई है। मरीज से अभद्रता के मामले को एक सप्ताह भी नहीं हुआ था कि एक और डाक्टर का वीडियो वायरल हो गया। इसमें एक डॉक्टर मरीज के तीमारदार को मेडिकल के बजाय बाहर से एक्सरे कराने के लिए कह रहे हैं। यह वीडियो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेडिकल कॉलेज आने से पहले का बताया जा रहा है। कॉलेज के प्राचार्य ने वीडियो की जांच के निर्देश दिए हैं।
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यह वीडियो मरीज के साथ आए एक व्यक्ति द्वारा बनाया गया है। 2.50 मिनट के इस वीडियो में डॉक्टर मरीज से कह रहे हैं कि ‘मैं आपसे गुजारिश कर रहा हूं, अगर छर्रा फंसा हुआ है तो बहुत अच्छा दिख जाएगा, बाहर से एक्सरे करा लें। जैसे पहले जमाने में जब दूरदर्शन ब्लैक एंड व्हाइट टीवी पर देखते थे तो कैसा दिखता था और अब टीवी पर कैसा दिखता है। यही फर्क है, इसलिए कह रहे हैं। एक्सरे बाहर करा लो, बाकी सारा काम यहीं होगा।’ तीमारदार पूछता है कि किसके यहां कराना है एक्सरे। डॉक्टर कहते हैं, यहां तीन-चार हैं। वैसे कोई जानने वाला हो, कहीं भी करा लो। तीमारदार के यह कहने पर कोई परिचित नहीं है, तो वहां खड़ा अस्पताल का एक कर्मचारी कहता है कि यहां से बाहर निकलोगे तो उल्टे हाथ पर है एक, वहां करा लेना।
वीडियो में तीमारदार यह भी कह रहा है कि उससे कहा गया था आपरेशन भी कराना पड़ सकता है। आपरेशन करने वाले डॉक्टर छुट्टी गए हुए हैं। इस पर अस्पताल का कर्मचारी कहता है कि उसने ऐसा नहीं कहा था, बल्कि उसने यह कहा था कि आपरेशन यहीं होगा। यह हालात तब हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज में कई जगह लिखा है कि एक्सरे बाहर से न कराएं। 
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मेडिकल कॉलेज में हैं छह एक्सरे मशीन
डाक्टर मरीज के तीमारदार से कह रहा है कि बाहर से एक्सरा अच्छा आयेगा। कहीं ये असलियत तो नहीं। अमर उजाला ने इस सवाल का जवाब तलाश करना शुरू किया तो इसमें कहीं से भी सच्चाई नहीं निकली। एक्सपर्ट डाक्टर्स के अनुसार मेडिकल कालेज में इस वक्त छह एक्सरे मशीने हैं। ये सभी मैनुअल हैं। इनकी कीमत पांच से सात लाख रुपये तक है। दो मशीनें तो छह माह पहले ही यहां आई हैं। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में एक्सरे का कोई पैसा नहीं लिया जाता है, न ही बीएल कार्ड धारकों से लिया जाता है। इसके अलावा सामान्य ओपीडी में एक्सरे के 42 रुपये चार्ज लगता है।

प्राइवेट में हैं डिजिटल एक्सरे मशीन
प्राइवेट में एक्सरे करने वाले सेंटरों पर डिजिटल एक्सरे मशीनें हैं। यहां एक एक्सरे के 250 से 350 रुपये तक लिए जाते हैं। अमूमन दो से तीन एक्सरे कराने पड़ते हैं। यानि 500 से 1000 रुपये तक खर्च आता है। प्राइवेट एक्सरे मशीन मेडिकल के दम पर ही चल रही हैं, यदि मेडिकल से एक्सरे के लिए मरीजों को बाहर भेजना बंद कर दिया जाए तो इनका धंधा भी ठंडा पड़ जाएगा। 

सफाई की भी खोल दी पोल
सीएम योगी के आने के समय भले ही मेडिकल को चमका दिया गया हो, लेकिन ताजा वीडियो में मेडिकल में सफाई की पोल भी खुल रही है। मरीज को गंदगी के बीच लेटाया गया है। फर्श पर भी कहीं खून तो कहीं गंदगी जमा है। डाक्टर भी वर्दी में नहीं है। ऐसे में मेडिकल की व्यवस्था पर सवाल खडे़ होते हैं।

प्राचार्य बोले, जांच होगी
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता का कहना है कि मामला उनकेसंज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी कि डॉक्टर ने बाहर से एक्सरे कराने के लिए क्यों कहा। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक जूनियर डॉक्टर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मरीज से अभद्रता करते हुए नजर आ रहा था। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने उसे सस्पेंड कर दिया था। वीडियो वायरल होने के बाद इस डाक्टर पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

एक्सरे मशीन पर खडे़ हो चुके हैं सवाल
मेडिकल कॉलेज में भी डिजिटल एक्सरे मशीन की डिमांड की जा रही है। इसकी कीमत 20 लाख रुपये से ज्यादा है। अप्रैल माह में मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण करने पहुंची एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) टीम जब इमरजेंसी में पहुंची तो हैरत में पड़ गई। टीम के सदस्यों ने सवाल किया कि आखिर 150 करोड़ से बनी इमरजेंसी में डिजिटल एक्स-रे मशीन क्यों नहीं है। चिकित्सकों से पूछा गया कि आखिर बिना डिजिटल एक्सरे मशीन के मरीजों को बेहतर इलाज कैसे दिया जा रहा है।
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