जिला कारागार के अस्पताल में आबिद का उपचार चल रहा है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। पोस्टमार्टम के बाद गफ्फार के परिजन शव को ले गए और बड़ौत में ही सुपुर्द ए खाक कर दिया। यास्मीन का शव लेने के लिए परिजन नहीं पहुंचे। शामली के कांधला से उसके मामा मोर्चरी पहुंचे और उन्होंने शव को सुपुर्दगी में लिया। मोर्चरी से शव को बड़ौत लेकर जाकर सुपुर्द ए खाक कर दिया। एसपी शैलेश कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आबिद से बरामद हुई चोरी की बाइक
सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाहा ने बताया कि आबिद को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से तमंचा, दो खोखे एवं एक जिंदा कारतूस मिला है।
दरोगा जाहिद खान पर चला दी थी गोली
पुलिस का कहना है कि आबिद ने मुठभेड़ के दौरान दारोगा जाहिद खान पर गोली चला दी थी। बुलेट प्रूफ जैकेट होने के कारण जाहिद खान की जान बच गई।
नई बस्ती में सन्ना, यासमीन के जनाजे में नहीं गया कोई
नई बस्ती में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। यास्मीन के जनाने में बस्ती के लोग नहीं पहुंचे। गफ्फार के घर पर दिनभर लोगों की आवाजाही रही।
क्या था मामला
नई बस्ती की रहने वाली यास्मीन की शादी मुजफ्फरनगर के भौरा कलां थाना क्षेत्र के सावटू नंगला निवासी सरफराज के साथ हुई थी। शादी के बाद से पति-पत्नी में विवाद शुरू हो गया।
यास्मीन गफ्फार के घर पर किराए का कमरा लेकर रहने लगी। जहां उसके गफ्फार से नजदीकी संबंध बन गए। परिजनों ने विरोध किया तो उसने मकान बदल दिया। इसके बावजूद दोनों का मिलना जुलना लगा रहा। मंगलवार रात यास्मीन के चचेरे भाई ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
यासमीन को दो और गफ्फार को मारी थी एक गोली
यास्मीन की दो गोली मारकर हत्या की गई है, जबकि गफ्फार को एक गोली मारी गई थी। वारदात के बाद हमलावर ने जो भी सामने आया, उस पर भी तमंचा तान दिया था। मोहल्ले के लोग यास्मीन के व्यवहार और चाल-चलन से परेशान थे।