मेरठ। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाकर दुष्कर्म करने के 11 साल पुराने मामले में कोर्ट ने बुधवार को दोषी रामगोपाल उर्फ शैंकी को साढ़े सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय पोक्सो एक्ट-द्वितीय ने छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
नौचंदी थाना क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने 12 अप्रैल 2014 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री को मैनपुरी जिले के थाना धनाहर गांव नगला कुशल निवासी रामगोपाल उर्फ शैंकी बहला-फुसलाकर ले गया और दुष्कर्म किया। पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर रामगोपाल उर्फ शैंकी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।