मुजफ्फरनगर। छह साल पहले घर में घुसकर नाबालिग से छेड़छाड़ और धमकी देने के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए अदालत ने पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया ।
थाना मंसूरपुर क्षेत्र के एक गांव में छह वर्ष पूर्व एक व्यक्ति ने घर में घुसकर 12 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ की थी। इस मामले में पीड़िता की मां ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 12 अगस्त 2018 को घर में पति और बच्चों के साथ सो रहे थे। देर रात अचानक उसकी 12 साल की बेटी ने शोर मचाया। उसने बताया कि उससे एक व्यक्ति ने छेड़छाड़ की है। जिस पर एक रिश्तेदार और उन्होंने बेटी से छेड़छाड़ करने वाले व्यक्ति परदेसी को मौके से ही दबोच लिया।
बताया तब गांव के लोगों ने आपसी बातचीत से समझौता करा दिया था। घटना के बाद आरोपी ने उसकी पुत्री को धमकी दी और पति से भी कहा कि उसने उसकी बेटी से कुकर्म किया। आरोप था कि तीन सितंबर 2018 को आरोपी परदेसी उसके घर आया और उसकी नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकत की। पुलिस ने इस मामले में परदेसी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। घटना के मुकदमे की सुनवाई एडीजे विशेष पाक्सो एक्ट कोर्ट-1 की पीठासीन अधिकारी मंजुला भलौटिया ने की। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपी परदेसी को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।