सीएचसी में चिकित्सकों ने उसकी जांच की तो पता चला कि चारपाई पर लेटे हुए उसकी कमर में घाव हो गए थे, जिससे उसे पीड़ा हो रही थी। चिकित्सकों ने उसका उपचार किया और दवा देकर भेज दिया। इस दौरान अस्पताल की तरफ से उसे एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते वह महिला मरीज को रिक्शे में ही लेकर चला गया।
इस संबंध में सीएचसी के चिकित्सक डॉक्टर विनोद ने बताया कि महिला मरीज आई थी, उसे पहले से पैरालाइसिस होने के कारण वह चल फिर नहीं सकती थी। चारपाई पर लेटे रहने के कारण उसकी कमर में घाव हो गए थे। मरीज का उपचार किया गया और दवा दी गई। इसके बाद परिजन उसे घर ले गए।
एंबुलेंस की सुविधा के बाद भी रेहडे़ पर मरीज ने खोली सरकारी व्यवस्था की पोल
- फोटो : अमर उजाला
उधर, सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉक्टर रमेश चंद्रा ने बताया कि महिला मरीज को चारपाई पर लेटे रहने के कारण कमर में घाव बन गए थे। महिला का उपचार कर दवा दी गई और उसे करवट बदलते रहने की सलाह दी गई। मरीज को रेफर करने से परिजनों ने मना कर दिया था। परिजनों की तरफ से एंबुलेंस नहीं मांगी गई। अगर परिजन कहते तो उन्हें तत्काल एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती।
जानकारी के अनुसार इस प्रकरण की जांच के लिए शनिवार को एसीएमओ डॉक्टर केपी सिंह और एसडीएम सदर सीएचसी पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों के बयान लिए। साथ ही पीड़ित के घर पहुंचकर दवा देकर उपचार कराया।
मरीज को सोमवार को सीएचसी में दोबारा भर्ती करने की बात कही है। एसीएमओ का कहना है की पीड़ित पक्ष ने बताया है कि उन्होंने एंबुलेंस को कॉल नहीं की थी वह खुद ही रेडी में मरीज को लेकर गए थे।
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