इस मामले में उसने कोर्ट के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया। इसमें एक दरोगा ने कोर्ट में उसका बयान डरा धमका कर गलत दर्ज कराया । इस कारण उसने कोर्ट में घटना से इंकार किया। उसके बाद दुष्कर्म के आरोपी ने उसे जबरन ले जाकर रामपुर में अपनी बुआ के यहां रखा।
27 अगस्त को वहां से वह भाग कर अपने घर आ गई। उसने थाना में इस बारे में बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसी दिन से आरोपियों ने उसे कोर्ट रोड से उसे पकड़ लिया और अपनी एक रिश्तेदारी में रखा।
शनिवार सुबह चार बजे उनके कब्जे से भाग कर पहुंची। उसने आरोप लगाया कि उसे अपने पिता, दुष्कर्म के आरोपी, आरोपी के पिता और दरोगा से अपने जान का खतरा है।
किशोरी ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर आरोपी पर फिर से रिपोर्ट दर्ज कराई जाए, उसके बयान दर्ज कराए जाएं एवं दरोगा समेत सभी आरोपियों पर कार्रवाई की जाए।