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मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है : प्रणम्य सागर महाराज

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मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है : प्रणम्य सागर महाराज
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हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 13वें दिन रविवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
गुरुवर 108 प्रणम्य सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य जन्म से नहीं, कर्म से महान बनता है। जन्म और मरण की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। जन्म काम के कीचड़ में ही होता है, फिर चाहे वह प्रभु हो, संत हो या कोई मनुष्य। जो काम के कीचड़ में कमल की भांति खिल जाते हैं, वहीं संत बनते हैं।
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नवीन जैन ने स्वर्ण कलश से अभिषेक किया। शांतिधारा करने का सौभाग्य नीतेश जैन को मिला। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। पूजा के बाद तीर्थंकरों को 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 111 परिवारों ने विधान का आयोजन कराया। भक्तामर पाठ सुनीता जैन, जेसी जैन, लता जैन, आयुषी जैन ने संस्कृत भाषा में किया। विसर्जन कमल जैन व सलिल जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सुधा जैन व जयकुमार जैन तथा आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन अनीता जैन व अतुल जैन ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन कैलाशचंद जैन परिवार ने किया। इस मौके पर अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन सराफ, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, शिखरचंद जैन, राजीव जैन, अनिल जैन का सहयोग रहा।
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