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मेजर केतन हम शर्मिंदा हैं... एक साल में ही शहादत भूल गया शहर

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मेजर केतन हम शर्मिंदा हैं... एक साल में ही शहादत भूल गया शहर
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मेरठ। आंसुओं का सैलाब उमड़ा हुआ था। सिसकियां थमने का नाम नहीं ले रहीं थी। मेजर केतन शर्मा का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर आया तो पूरा शहर रो पड़ा। कोई गली-मोहल्ला-सड़क ऐसी नहीं बची जहां मेरठ के इस लाल को आखिरी विदाई देने के लिए लोग फूल लेकर खड़े न हों। गम के पहाड़ तले दबे मेजर केतन के परिवार को तमाम अफसरों-नेताओं ने न जाने कितने आश्वासन दिए। शोक सभा में क्या-क्या वादे हुए, लेकिन अफसोस कि मेजर केतन की शहादत के एक साल में ही नेताओं और अफसरों के वे वादे चुनावी वादों की तरह बह गए। सुबह से बेटे की बरसी पर गम में डूबे पिता से जब चीन बॉर्डर पर जवानों के शहीद होने की बाबत बात हुई तो उनका गला भर्रा गया। कहने लगे आज पहली बरसी थी। टीवी सुबह से बंद था। अभी सुना है मेरठ का भी कोई जवान शहीद हो गया है। आपको जानकारी हो तो उनका पता बता दो। शहीद के पिता के ये शब्द यह बयां करने के लिए काफी हैं कि जब कोई शहीद होता है तो दूसरे शहीदों के परिजनों के दिल पर क्या बीतती है।
एक साल पहले 17 जून 2019 को कंकरखेड़ा के श्रद्धापुरी सेक्टर चार में रहने वाले रविंद्र कुमार शर्मा के बेटे मेजर केतन शर्मा कश्मीर के अनंतनाग में शहीद हो गए थे। बुधवार को उनकी बरसी थी। पिता रविंद्र कुमार शर्मा से बात हुई तो उनका दर्द जुबां पर आ गया। कहने लगे उस वक्त सब पता नहीं क्या-क्या वादे कर रहे थे। वादे तो छोड़िए उस दिन के बाद सेना को छोड़कर कोई हाल जानने भी नहीं आया। परिवार कैसे रह रहा है, यह देखने भी नहीं आया। कहने लगे कि हम किसी को उस समय बुलाने नहीं गए थे। नेता-अफसर ही हमारे घर आए थे। शिवचौक पर केतन के नाम से गेट बनाने की बात कही गई थी। खिर्वा रोड का नाम बदलने को बोला गया था। पार्क में प्रतिमा लगाकर उसके सौंदर्यीकरण की बात हुई थी लेकिन आज तक कोई झांकने नहीं भी आया।
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पूरे परिवार की उन्हीं पर थी जिम्मेदारी
इकलौते बेटे होने के कारण मेजर केतन शर्मा पर ही घर की जिम्मेदारी थी। पिता का कोई काम नहीं है। मां ऊषा बीमार रहती हैं। पत्नी ईरा और पांच साल की बेटी केरा है। पत्नी ईरा आर्मी स्कूल में पढ़ाती हैं, लेकिन उनको भी नौकरी नहीं दी गई। पिता रविंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी यूनिट 57 इंजीनियर को आज कार्यक्रम करना था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से वह रद हो गया।
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