शहीद हुए मेजर केतन शर्मा के पिता रविंद्र शर्मा की जिंदगी का सफर संघर्ष भरा रहा। रविंद्र ने 20 साल सीमित आमदनी के बीच संघर्ष करते हुए बेटे को सेना में अफसर बनाया। पिता का सपना पूरा हुआ तो बेटे की शहादत का गम टूट पड़ा। एक बार फिर बूढे़ पिता के कंधों पर नन्हीं पोती सहित परिवार की जिम्मेदारी आ गई है। बेटे का पार्थिव शरीर देखकर रविंद्र को अपने 20 साल का संघर्ष याद आ गया।