हजरत अली असगर का झूला निकालते सोगवार।
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मवाना। मोहर्रम की पांच तारीख को सभी अजाखानों में मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। ज्यों ज्यों मोहर्रम की तारीख आगे बढ़ रही है। वहीं, मजलिसों की तादाद बढ़ती जा रही है। आज शाम को हजरत अली असगर का झूला निकाला गया।
आज पहली मजलिस इमाम बारगाह दरबारे हुसैनी में हुई। जिसमें मिम्बर से आली जनाब मौलाना मोहम्मद अली ने फजायले जनाबे फिज्जा कनीजे फात्मा जैहरा अलै. बयान किये और मसायबे शहीदाने करबला पढे़। जिसमें जैनब के कमसिन शहजादे औन व मौहम्मद की शहादत बयान की। यहां एक मजलिस इमामबारगाह कोटला में हुई। जिसमें मिम्बर से आली जनाब मौलाना कर्रार हुसैन ने फजायल व मसायब शहीदाने करबला बयान किए। बाद नमाजे जोहरैन एक मन्नती मजलिस इमाम बारगाह जहरा अलै. में हुई। जिसमें सोज ख्वानी फूल मिया जैदी ने और मिम्बर सेआली जनाब मौलाना फिरदौस मेहंदी ने खिताब किया। जनाबे हजरत अली अलसगर के मसायब और फजायल बयान किए। इसके बाद मजलिस में शबीहे झूला हजरत अली असगर बरामद हुआ। जिसमें सभी सोगवारों ने जियारत की। इस मजलिस में निजामत कंबर जैदी ने की। रात में पहली मजलिस इमामबारगाह कोटाल में आठ बजे शुरू हुई। जिसमें मिम्बर से आली जनाब मौलाना रिजवी ने खिताब किया। यहां के बाद एक मजलिस इमाम बारगाह खैरात अली में हुई। जिसमें मर्सिया ख्वानी फूल मियां आदि ने की। रात में आखिरी मजलिस इमामबारगाह हजरत अबू तालिब तिहाई में हुई। जिसमें मरसिया ख्वानी सरूर इकबाल उर्फ कल्लन मियां नेकी और हदीस आली जनाब मौलाना शाहिद रिजवी मुंबई ने पढ़ी और फजायल व मसायब शहीदाने करबला बयान किए।