रियो ओलंपिक के पहले ही राउंड में मेरठी बहू सीमा पूनिया बाहर हो गईं। वह प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई भी नहीं कर पाईं। खराब मौसम और बुखार ने उनकी राह रोक ली। इंडिया कैंप में डिस्कस थ्रो का कोई कोच भी नहीं गया था, जिस कारण सीमा को अभ्यास में भी परेशानी हुई। रियो से फोन पर सीमा ने अमर उजाला से दिल की बात कही।
प्रश्न - अभी तक रियो में किसी भारतीय को पदक नहीं मिला है, आप से पूरी उम्मीद थी, लेकिन चूक गईं।
उत्तर- मैच को लेकर थोड़ी घबराहट जरूर थी, लेकिन पूरी उम्मीद थी कि क्वालीफाई कर लूंगी। लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और मैं विश्व के सबसे बड़े इवेंट में हार गई।
प्रश्न - विश्व के सबसे बड़े इवेंट में बिना कोच के आप खेलने गईं, क्या परेशानी हुई।
उत्तर- सबसे बड़े इवेंट में कोच साथ नहीं था। अंकुश ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। अगर वह मेरे साथ होते तो कुछ अच्छा ही होता। बिना कोच के 15 दिन तक प्रैक्टिस की, कोई समझाने वाला नहीं था।
प्रश्न : जब आप को पता चला कि अंकुश आप के साथ नहीं जा रहे हैं तो कैसा लगा ?
उत्तर- मुझे पूरी उम्मीद थी कि अंकुश कोच और पति के रूप में मेरे साथ जाएंगे। जब लिस्ट से नाम कटा, तब पता चला तो बहुत बड़ा झटका लगा। इसके बाद भी अंकुश फोन पर उत्साह बढ़ाते रहे। अगर अंकुश पास होते तो रिजल्ट कुछ और ही होता।
प्रश्न : मैच से पहले फीवर आ गया और फिर मौसम खराब हो गया, दोनों में किसे दोषी मानती हैं?
उत्तर: मेरा पूरा फोकस मैच पर था। वहां प्रैक्टिस के बाद ही तबियत खराब हो गई। कई दिन तक तबियत खराब रही, लेकिन फिर भी हिम्मत नहीं हारी। मौसम भी खराब हो गया। एक थ्रो फाउल हो गया। दूसरे में मेरा पैर फिसल गया, जिस कारण हार गई।
प्रश्न : अब आगे कॅरियर के बारे में क्या सोच रही हैं?
उत्तर- मुझे फिटनेस से कोई दिक्कत नहीं है। अभी तो फिलहाल इस हार का बहुत बड़ा झटका लगा है। घर लौटने के बाद आगे की प्लानिंग की जाएगी।
ससुराल में छायी मायूसी
सीमा के मैच से पूर्व ससुराल टांडा गांव में हवन पूजन किया गया। ससुर तेजपाल सिंह, सास राजकुमारी जेठानी आस्था और जेठ अनुज पूनिया को पूरा भरोसा था कि इस बार सीमा मेडल लेकर आएगी। आखिरी समय में उनकी उम्मीद टूट गई।
पति बिना चूक गई सीमा
छह माह तक पति अंकुश पूनिया ने सीमा को विदेश में तैयारी कराई। आखिरी समय में साथ न जाने का खामियाजा भी सीमा को भुगतना पड़ा। अगर सीमा पूनिया के साथ अंकुश होते तो मैच में वह अच्छा करतीं। इंचियोन गेम्स में भी सीमा ने पहले फाउल किया था, लेकिन अंकुश ने उन्हें समझाया और वह गोल्ड जीतकर लाईं।
फेडरेशन है दोषी
पति व कोच अंकुश पूनिया ने कहा कि सीमा ने अपनी ओर से पूरी मेहनत की। उसकी तबियत खराब थी और वहां पर मौसम भी अच्छा नहीं था। इसके बावजूद भी उसने हिम्मत नहीं। हार के लिए इंडियन एथलेटिक्स फेडरेशन और खेल मंत्रालय दोषी है। अगर सीमा के साथ मैं कोच के रूप में जाता तो देश के लिए एक पदक पक्का था।