महापौर को अपने कार्यालय की कुर्सी पसंद नहीं आयी। तत्काल प्रभाव से कुर्सी बदलने और सामने नीले रंग की कुर्सियां डलवाने और पर्दे बदलवाने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं शहर की स्वच्छता को प्राथमिकता पर लिया। इसकी शुरूआत नगर निगम कार्यालय से कराने का निर्णय लिया है। महापौर ने जहां नगर निगम के समस्त विभागों का निरीक्षण किया। वहीं टूटे फर्नीचर, पुराने पर्दों को बदलने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छता में निगम कार्यालय को मॉडल बनाने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए। महापौर ने चेतावनी दी कि यदि निगम चकाचक नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
महापौर सुनीता वर्मा शुक्रवार दोपहर दो बजे पति योगेश वर्मा, बसपा जिलाध्यक्ष मोहित कुमार, मुरारीलाल केन, शाहजहां सैफी, राजन वर्मा के साथ नगर निगम पहुंची। महापौर के पहुंचने से पहले ही नगरायुक्त निगम से अपने आवास जा चुके थे। महापौर ने अपने कार्यालय में निगम के सभी अधिकारियों की बैठक ली। महापौर ने जहां सभी से परिचय लिया वहीं शहर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। जनता की शिकायत पर महापौर ने शहर में तत्काल अलाव जलवाने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। महापौर अपने पति को साथ सभी निर्माण, एकाउंट, जलकल, हाउस टैक्स, नगर स्वास्थ्य, पथ प्रकाश आदि विभागों का निरीक्षण किया। महापौर पार्षद कक्ष भी पहुंची। महापौर ने कहा कि शहर की स्वच्छता उनकी पहली प्राथमिकता में हैं। इसकी शुरूआत नगर निगम कार्यालय से की जाएगी। एक सप्ताह बाद वह फिर से नगर निगम कार्यालयों का निरीक्षण करेंगी। यदि गंदगी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
योगेश वर्मा की भी लगी अदालत
महापौर सुनीता वर्मा ने जहां अपने कार्यालय में बैठकर अधिकारियों के साथ बैठक की। वहीं पीछे वीआईपी रूम में बैठे महापौर पति एवं पूर्व विधायक योगेश वर्मा की अदालत में भी निगम के अधिकारी व कर्मचारी पेश हुए। हालांकि योगेश वर्मा ने निगम के अधिकारी व कर्मचारियों से निगम और शहर हित में महापौर के सहयोग की मांग की। इस दौरान बसपाइयों का भी जमावड़ा रहा। नगर निगम कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अनीस अहमद और पूर्व महामंत्री लोकेश शर्मा ने पूर्व विधायक को महापौर के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
महापौर ने बदला स्टाफ
महापौर की पसंद से ही स्टाफ की तैनाती की गई है। पूर्व महापौरों के स्टेनो रहे पंकज शर्मा को हटाकर रामपाल सिंह महापौर के स्टेनो होंगे। निगम सूत्रों की माने तो महापौर सुनीता वर्मा ने अपने स्टाफ में दलित और मुस्लिम कर्मचारियों को ही प्राथमिकता पर लेने की मंशा जताई है। हालांकि इस संबंध में जब महापौर से पूछा गया तो उन्होंने दलित और मुस्लिम कर्मचारियों की प्राथमिकता पर ना बोल दी। उधर, नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान का कहना है कि महापौर ने जो भी स्टाफ मांगा, उनको दे दिया गया है।