फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: पार्षद के पक्ष में महापंचायत, पार्षदों का हंगामा, कर्मचारियों ने फिर किया हड़ताल का एलान

विज्ञापन
नगर आयुक्त कैंप कार्यालय का घेराव करते पार्षद
विज्ञापन
मेरठ। सूरजकुंड डिपो पर कूड़ा गाड़ी के चालक अविनाश को गोली मारने के आरोपी भाजपा पार्षद रविंद्र के पक्ष में रविवार को अनुसूचित समाज की कालियागढ़ी में महापंचायत हुई। समाज के लोगों और पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों को खुली चुनौती दी कि रविंद्र पर हमला करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई नहीं की गई तो 17 मार्च 2025 को कमिश्नरी का घेराव करेंगे। वहीं, कर्मचारियों ने भी 15 अप्रैल 2025 से हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी।
विज्ञापन

पंचायत में पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि मेरी पत्नी भी 5 साल महापौर रही है। किसी भी अधिकारी में दम नहीं था कि पार्षद की तरफ आंख उठाकर भी देख ले। भाजपा सरकार में अधिकारियों की शह पर कर्मचारी व बाहरी लोग पार्षद को पीट रहे हैं। पंचायत में भाजपा के कई नेता और पार्षद भी मौजूद रहे। पंचायत के वक्ताओं में बयानबाजी को लेकर बहस भी हुई है। जिसके बाद पूर्व विधायक स्थिति संभाली।
निगम के 40 पार्षदों ने नगर आयुक्त का कैंप कार्यालय घेर लिया और अधिकारियों को खरी खरी सुनाई। महापौर के कैंप कार्यालय पर जाकर कर्मचारियों के खिलाफ कारवाई की मांग की है। राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा सहित कई भाजपा नेता रविवार को पार्षद और कूड़ा गाड़ी के चालक का हाल जानने अस्पताल में पहुंचे।
विज्ञापन


महापंचायत में भाजपा को निशाना बनाने पर विवाद
रविवार को कालियागढ़ी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क में अनुसूचित जाति व निगम पार्षदों ने रविंद्र को न्याय दिलाने के लिए महापंचायत की। महापंचायत के दौरान वक्त अपनी-अपनी बात समझ के सामने रख रहे थे। इसी बीच पार्षद कीर्ति घोपला ने भाजपा को निशाना बनाते हुए बात कही। जिसका महापंचायत में मौजूद लोगों ने विरोध किया। जिसके बाद मामला गर्मागर्मी पर आ गया। दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे को देखने की बात करने लगे। पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को शांत किया। दोबारा से महापंचायत का संचालन किया गया। महापंचायत में लोगों ने पार्षद को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। पार्षद दीपक वर्मा ने घटना को साजिशन बताया। पार्षद का कर्मचारियों से कोई लेना देना नहीं, यह अधिकारियों की प्लानिंग है। पार्षद संजय सैनी ने नगर आयुक्त को हटाने और शहर बचाने की बात कहते हुए भावुक हो गए। पार्षद उत्तम सैनी, आशीष चौधरी, सतपाल, प्रशांत कसाना, नरेश कश्यप अन्य पार्षद भी मौजूद रहे।
पार्षद की पत्नी ने कहा मेरे पति को बचा लीजिए
पार्षद रविंद्र की पत्नी ममता ने पंचायत में कहा कि मेरे पति को बचा लीजिए। ममता ने न्याय की गुहार लगाई और कहा कि उनके पति को साजिश रचकर फंसाया गया है। उनके पति समाज की समस्या को लेकर सूरजकुंड डिपो पर गए थे। जहां उनके पति के साथ कर्मचारियों ने बंधक बनाकर जमकर मारपीट की थी। प्रशासन द्वारा एक तरफा कार्रवाई की जा रही है।
कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज की मांग
पूर्व विधायक योगेश शर्मा ने कहा कि पार्षद रविंद्र के साथ मारपीट करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। मारपीट करने वाले वीडियो में साफ दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन किसके दबाव में कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज नहीं कर रहा है यह समझ से बाहर है। पार्षद रविंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। किसी भी कीमत पर अन्याय नहीं होने देंगे। 17 अप्रैल को कमिश्नरी पर धरना देंगे और जिलाधिकारी को ज्ञापन देंगे।
सर्वसमाज व पार्षदों ने दिया रविंद्र को समर्थन
दावा किया गया कि महापंचायत में सभी पार्षदों व सर्व समाज के लोगों ने पार्षद रविंद्र को न्याय दिलाने के लिए समर्थन दिया। संचालन कर रहे अजय सागर ने कहा कि कर्मचारियों व निगम के अधिकारियों द्वारा पार्षदों का शोषण किया जा रहा है। अधिकारी भ्रष्टाचार व नौकरी को बचाने के लिए पार्षदों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं।

ये था मामला

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सूरजकुंड डिपो पर चार दिन पूर्व भाजपा पार्षद रविंद्र ने वार्ड में कूड़ा गाड़ी नहीं पहुंचने पर अपने साथियों के साथ मिलकर सूरजकुंड डिपो में फायरिंग कर दी थी। कूड़ा गाड़ी चालक अविनाश के पैर में गोली लग गई थी। जिसके बाद कर्मचारियों ने पार्षद को भी पीटा था। पार्षद और उसके 20 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया था।

नगर आयुक्त कैंप कार्यालय का घेराव करते पार्षद

नगर आयुक्त कैंप कार्यालय का घेराव करते पार्षद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें