इस बार महाकुंभ मेले के दौरान अगर किसी औद्योगिक इकाई से रंगीन व प्रदूषित उत्प्रवाह बाहर आया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की टीम को संयुक्त रूप से लगाया गया है। वह लगातार इसकी मॉनीटरिंग करेंगे।
यह है औद्योगिक इकाइयों का विवरण
मेरठ/बागपत 54
बुलंदशहर 51
गाजियाबाद- हापुड़ 260
ग्रेटर नोएडा 74
मुजफ्फरनगर/ शामली 62
सहारनपुर 22
बिजनौर/अमरोहा 20
यह हैं प्रमुख स्नान.... ऐसे बंद होंगे उद्योग
पौष पूर्णिमा 13 जनवरी 2025
बंद 4, 5, 6, 13 जनवरी
मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025 शाही स्नान
5, 6, 7, 14 जनवरी
मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 शाही स्नान
20, 21, 22, 29 जनवरी
बसंत पंचमी 3 फरवरी 2025 शाही स्नान
25, 26, 27, जनवरी व 3 फरवरी
माघ पूर्णिमा 12 फरवरी 2025
3, 4, 5, 12 फरवरी
महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025
17, 18, 19, 26 फरवरी
इन जनपदों में बंद रहेंगे उद्योग
बिजनौर, अमरोहा, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत, हापुड़, गजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर में सिंचाई विभाग की सूचना के अनुसार इन जनपदों से गंगा नदी का जल सामान्य प्रवाह की स्थिति में नौ दिन में प्रयागराज पहुंचता है, जिसको लेकर चार दिन तक उद्योगों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
कहीं भी कर सकती है कमेटी निरीक्षण
महाकुंभ मेले को लेकर औद्योगिक इकाइयों पर तलवार लटकी हुई है। जिला स्तरीय अनुश्रवण कमेटी और सीपीसीबी की थर्ड पार्टी निरीक्षण कहीं भी कर सकती है। अगर किसी औद्योगिक इकाई से रंगीन उत्प्रवाह और जल प्रदूषित मिला व ईटीपी प्लांट बंद मिला तो उस पर कार्रवाई तय है। इसे लेकर पहले ही क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयारी कर ली है।
महाकुंभ को लेकर औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय कमेटी बना दी गई है। सभी स्नान पर उद्योगों को बंद करने की सूचना दी जाएगी। कोई भी लापरवाही मिली तो बंदी की कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड द्वारा सभी तैयारी कर ली गई है। - भुवन प्रकाश यादव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी