मां भगवती सती माता के शरीर के अंग, आभूषण, धारण किए हुए वस्त्र जहां-जहां गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए। हस्तिनापुर में मां सती का विग्रह जो दक्षिण गुल्फ है, दाहिनी जंघा का पिंडली वाला भाग का एक अंग गिरा था। वही जयंती माता के नाम से विख्यात हुआ। मां भगवती का वह स्वरूप क्रोधपूर्ण होने के कारण महाकाली के रूप में यहां परिणित हो गया। मां सती यहां पिंडी स्वरूप में विराजमान है।