नगर निगम में 500 से ज्यादा मामले लंबित
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगम में दो साल पुराने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के 500 से अधिक आवेदन लंबित हैं। आवेदक प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। लंबित मामलों का निस्तारण नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे पर बृहस्पतिवार को नगर निगम परिसर में लोगों ने हंगामा किया।
समय के साथ बढ़ेगी प्रमाणपत्र की फीस
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र प्रभारी एवं अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार के अनुसार, नई नियमावली में प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अलग-अलग समय सीमा के आधार पर शुल्क निर्धारित किया गया है। जन्म या मृत्यु के 21 दिन के भीतर प्रमाणपत्र निशुल्क जारी किया जाएगा। 21 से 30 दिन के भीतर आवेदन करने पर 20 रुपये शुल्क लगेगा, जबकि पहले यह दो रुपये था। 30 दिन से एक साल के भीतर प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 50 रुपये देने होंगे, जो पहले पांच रुपये थे। एक साल से दो साल तक के मामलों में 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। दो साल से अधिक पुराने मामलों में मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किया जा सकेगा।
स्कूल में दाखिले से लेकर पेंशन तक जरूरी दस्तावेज
जन्म प्रमाणपत्र बच्चों के स्कूल में दाखिले के साथ आधार कार्ड और पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोगी होता है। वहीं, मृत्यु प्रमाणपत्र बैंक खाते, बीमा, पेंशन और संपत्ति हस्तांतरण जैसी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है। ऐसे में प्रमाणपत्र जारी होने में देरी से परिवारों के जरूरी काम अटक सकते हैं। लंबित आवेदनों के निस्तारण और नई प्रक्रिया को लेकर आवेदकों को अब मजिस्ट्रेट की नियुक्ति और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।