मधु वेदवान का कहना है कि 21 से 25 जून तक पेरिस में होने वाले तीसरे विश्व कप में देश के लिए तथा ओलंपिक क्वालीफाई करने के लिए जी जान से खेलेंगी। कोच सचिन वेदवान का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि बागपत की बेटी मधु को उसकी मेहनत का फल जरूर मिलेगा। वह देश का नाम रोशन करेंगी।
हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतने का होता है। बागपत में खेलों के लिए सुविधाएं नहीं हैं। इसके बावजूद मधु वेदवान ने जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना होगा
तीरंदाजी में प्रतिवर्ष चार वर्ल्ड कप होते हैं। जिनमें प्रदर्शन के आधार पर तीरंदाज की रैंक तय होती है। ओलंपिक का टिकट पाने के लिए मधु वेदवान ने पिछले साल से पुणे में चल रहे इंडियन कैंप में कड़ी मेहनत की है। ग्वाटेमाला में पहले वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उनकी 16वीं रैंक रह गई थी।
हालांकि स्विटजरलैंड में दूसरे वर्ल्ड कप के लिए कोरोना महामारी के चलते वीजा नहीं मिल पाया था। पेरिस में यह तीसरा वर्ल्ड कप होगा। यह मधु के लिए काफी अहम है। उसके प्रदर्शन पर देशभर की नजरें टिकी हैं। तीरंदाजी का चौथा वर्ल्ड कप ओलंपिक के बाद होना है।