मेरठ। इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज में बुधवार को सशक्त जेंडर एंपावरमेंट सेल की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें पीसीपीएनडीटी अधिनियम (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम) के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि अरुणोदय सोसायटी की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अनुभूति चौहान ने बताया कि यह कानून कन्या भ्रूण हत्या और घटते लिंगानुपात को रोकने के लिए बनाया गया है। यह अधिनियम गर्भधारण से पहले या बाद में बच्चे के लिंग का निर्धारण (लिंग चयन) करने पर प्रतिबंध लगाता है। प्रसव पूर्व निदान तकनीकों के दुरुपयोग को नियंत्रित करता है। महिला कल्याण विभाग की जिला समन्वयक नेहा त्यागी ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में 52 छात्राओं व शिक्षिकाओं ने भाग लिया। प्राचार्य प्रो. अनीता राठी ने बताया कि ऐसे कानूनों के प्रति जागरूक होना जरूरी है। डॉ. मीनू शर्मा ने सभी का आभार जताया। संवाद