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मां दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा निकली

Wed, 12 Oct 2016 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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शारदीय नवरात्र में नौ दिन तक घर-घर और मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा की गई। मंगलवार को दशमी के दिन मां दुर्गा की बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई और विसर्जन के लिए नानू नहर ले जाया गया। सभी भक्तों ने एक दूसरे का रंग लगाया।
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 सदर दुर्गाबाड़ी मंदिर में बंगाली समाज द्वारा मां दुर्गा का विशेष अनुष्ठान किया जाता है। मंगलवार सुबह मां दुर्गा को सिंदूर चढ़ाया गया। मां की मूर्ति को भव्य डोले पर विराजमान किया गया। मंदिर से मां दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा शुरू की गई। सबसे आगे बैंडबाजों की धुन पर श्रद्धालु नृत्य करते चल रहे थे। शोभायात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर काली मंदिर, सदर बाजार, आबूलेन होते हुए बेगमपुल पहुंची। यहां से सभी बसों में सवार होकर मां की मूर्ति का विसर्जन करने के लिए नानू नहर पहुंचे। मां के जयकारे लगाते हुए भक्तों ने मां की मूर्ति का विसर्जन किया। डा. सुब्रोतो सेन, जयश्रीसूद, रीना सैन, दीप्ति चौधरी, गोविंद आदि मौजूद रहे। इसके अलावा डीएवी स्कूल और मुकंदीदेवी धर्मशाला से भी मां दुर्गा मूर्ति को विसर्जन के लिए ले जाया गया। वहीं दिल्ली रोड से गुजर रहे रजवाहे में पानी न होने के कारण कुछ भक्तों को मां की मूर्ति विसर्जन में परेशानी हुई।

महिलाओं ने एक दूसरे को लगाया सिंदूर
महिला भक्तों ने जहां दुर्गाबाड़ी मंदिर में मां दुर्गा को सिंदूर लगाया वहीं मूर्ति विसर्जन शोभायात्रा के दौरान एक दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशियां मनाईं। महिलाओं ने मां दुर्गा के गीत भी गाए। मां की भक्ति में लीन महिलाओं ने शंख भी बजाया।
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मां दुर्गा के दर्शन को उमड़ी भीड़
विसर्जन यात्रा के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। शोभायात्रा का स्थानीय लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया। एक ठेले से प्रसाद का वितरण किया गया।

दुर्गाबाड़ी मंदिर में हुआ शांति पाठ
मां दुर्गा के विसर्जन के बाद रात में सदर दुर्गाबाड़ी मंदिर में शांति पाठ का आयोजन किया गया। पं. निरंजन भट्टाचार्य ने विसर्जन शोभायात्रा से वापस मंदिर लौटे सभी भक्तों को गंगाजल वितरित किया।
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