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लखनऊ में रफ प्रपोजल लेकर पहुंचे कंसल्टेंट

Thu, 23 Jun 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कचहरी में स्मार्ट सिटी के लिये वोटिंग - फोटो : अमर उजाला
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स्मार्ट सिटी का खाका तैयार हो चुका है। इसे लेकर कंसल्टेंट लखनऊ रवाना हो गए हैं। इसे अधिकारियों को दिखाया जाएगा। अगर प्रपोजल में कुछ कमियां होंगी तो उनको दूर करने के लिए 25 जून तक का समय मिलेगा। 26 जून को लखनऊ में फिर से प्रपोजल की प्रजेंटेशन होगी। उसके बाद 30 जून को फाइन रूप से केंद्र सरकार के सामने अपना पक्ष रखना होगा। कंसल्टेंट बीके पटेल का कहा है कि मेरठ का प्रपोजल बेहतर ही नहीं, बल्कि बेहद मजबूत है। हमें पूरी उम्मीद है कि जुलाई में होने वाली बैठक में स्मार्ट सिटी शहरों में मेरठ का नाम घोषित होगा।

अमर उजाला में छपे फार्म से हो रही वोटिंग
माय सिटी में प्रकाशित फॉर्म से लोग जमकर वोटिंग कर रहे हैं। बुधवार को शहर में कई स्थानों पर चिकित्सक और शिक्षण संस्थानों में अमर उजाला माय सिटी के फार्म की कटिंग करके वोटिंग की। पहल एक प्रयास संस्था के संस्थापक डॉ. विश्वजीत बैंबी ने गढ़ रोड स्थित अपने क्लीनिक पर कैंप लगाकर स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग कराई। उन्होंने एक दिन में 400 से अधिक वोटिंग कराई। साथ ही आम जनता से आह्वान किया कि स्मार्ट सिटी शहर की जनता का सपना है। इस सपने को साकार करने के लिए जनता को ही आगे आना होगा। शहर को स्मार्ट बनाने में अहम भूमिका जनता की ही है।  
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पार्षदों ने निगम में जमा कराए 30 हजार फॉर्म
नगर निगम के पार्षद स्मार्ट सिटी की ऑफलाइन वोटिंग कराने में जुटे हैं। सभी पार्षदों ने अपने-अपने कार्यालय और इलाकों में कैंप लगाए हैं। हालांकि अभी तक पार्षद नगर निगम में मात्र 30 हजार फार्म ही जमा करा पाए हैं। यानी पार्षदों के स्तर से ऑनलाइन कम और ऑफलाइन अधिक वोटिंग कराई जा रही है। महापौर की मानें तो पार्षदों को एक लाख फार्म दिए गए हैं।

 औपचारिकता छोड़ें, ऑनलाइन ही करें वोटिंग
 जैसे-जैसे 25 जून करीब आती जा रही है, वैसे-वैसे स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग करने वालों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि वोटिंग ऑनलाइन कम और ऑफलाइन अधिक हो रही है। फॉर्म फीड करने में नगर निगम को परेशानी हो रही है। इसलिए शहरवासी अपनी जिम्मेदारी समझें। औपचारिकता छोड़कर अब ऑनलाइन वोटिंग करें। तीन दिन में अधिक से अधिक वोट कर मेरठ का दावा पक्का करें।
दो सप्ताह से लगातार वोटिंग चल रही है। शुरुआत में शहर के एक से दो हजार लोग ही प्रतिदिन वोटिंग को आगे आए थे। काफी प्रचार प्रसार के बाद अब संख्या आठ से 12 हजार तक पहुंच सकी है। यानी कुल मिलाकर अगर हम बुधवार रात्रि नौ बजे तक की बात करें तो पूरे दिन में करीब 30 हजार ही वोटिंग हो पाई। यानी कुल मिलाकर अभी तक ऑनलाइन एक लाख के करीब वोटिंग हो गई है। मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए पांच लाख वोट की जरूरत है।
वोट की धीमी गति से शहर की जनता की जागरूकता की भी पोल खुल रही है। हालांकि सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, महापौर हरिकांत अहलूवालिया और भाजपा के अन्य नेताओं ने वोटिंग के लिए युवाओं को जागरूक करना शुरू किया है।
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विधायक डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने ट्रांसलेम एकेडमी में छात्र-छात्राओं को स्मार्ट सिटी के लाभ बताए। उन्हें वोटिंग के लिए प्रेरित किया। दिल्ली रोड स्थित संजय वन के निकट भाजपा नेता विनीत अग्रवाल शारदा ने कैंप लगाया। उन्होंने फैक्ट्रियों में नौकरी करने वाले लोगों की ऑनलाइन वोटिंग कराई। दिल्ली रोड से गुजरने वाले लोगों से स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग करने की अपील की। कैंप में शहर विधायक डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने लैपटॉप पर जनता की ऑनलाइन वोटिंग की। इस दौरान मेरठ दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, क्षेत्रीय महामंत्री जयकरण गुप्ता, आईआईए के पंकज गुप्ता, राम किशन जायसवाल, सीमा अग्रवाल, योेगेंद्र सिंह, प्रदीप सिंघल, तरुण बंसल, कुलदीप सिंह, शीला, अर्पित बंसल, नकुल शर्मा, अमित शर्मा आदि मुख्य रहे। सूरजकुुंड मार्ग पर स्थानीय लोगों ने स्मार्ट सिटी का विशाल कैंप लगाया। सुबह से शाम तक ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटिंग कराई गई।
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