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Meerut News: गारंटी वाली सड़कों के लिए लखनऊ और इंदौर की कंपनियों ने किया आवेदन, दस्तावेज अधूरे

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मेरठ। 20 साल की गारंटी वाली व्हाइट टॉपिंग की 12 सड़कों के बुधवार को री-टेंडर खुल गए। जिसमें दस सड़कों के निर्माण के लिए लखनऊ की एक व इंदौर की दो कंपनी ने आवेदन किया है। बताया गया कि आवेदन करने वाली कंपनी के दस्तावेज अधूरे मिले हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अधूरे दस्तावेज वाले आवेदन को अपात्र माना जाएगा। अभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी और फिर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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व्हाइट टॉपिंग की सड़क बनाने का सपना दिखाकर नगर निगम ने पिछले चार महीने से सड़कों के अन्य निर्माण भी रोक दिए थे। लेकिन दस दिन पहले खुले व्हाइट टॉपिंग का पहले टेंडर में एक भी आवेदन नहीं आए। मंगलवार को खुले दूसरे टेंडर में दस सड़क के लिए टेंडर खाली, तीन में 1-1 और सात सड़कों में 2-2 आवेदन आए थे। मानक में न होने पर ये की बेकार साबित हुए। पहले टेंडर का री-टेंडर बुधवार को खुला। जिसमें 12 में से 10 सड़कों के निर्माण करने हेतु तीन-तीन आवेदन आए। दो कंपनी इंदौर की बीआर गोयल इंफ्रा, केजी गुप्ता इंफ्रा लिमिटेड हैं। एक कंपनी लखनऊ की एमवीडी इंफ्रा लिमिटेड है। दस टेंडर में तीन-तीन आवेदन करने वालों के दस्तावेज देखे गए तो दस्तावेज अधूरे मिले। आवेदन कंपनियों ने हैसियत प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र व कंपनी के निर्देशक के चरित्र प्रमाण नहीं लगाए। दस्तावेज के साथ आवेदन करने वाले ने एक पर्ची लगाई है। जिसमें लिखा है कि फर्स्ट रनिंग यानी पहले भुगतान के बाद दस्तावेज को जमा कर देंगे। मुख्य अभियंता नगर निगम देवेंद्र कुमार का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान सभी दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है। अन्यथा आवेदन करने वाले को अपात्र माना जाएगा। दस्तावेजों की जांच करेंगे। दस्तावेज अधूरे मिले तो अधिकारियों की सहमति पर तीसरी बार टेंडर डालेंगे।
यह है शर्त
मुख्य अभियंता देवेंद्र कुमार का कहना है कि ऑनलाइन टेंडर की शर्त पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य होते है। सड़क निर्माण के ऑनलाइन टेंडर में तीनों आवेदन कर्ता को जिलाधिकारी द्वारा जारी हैसियत प्रमाण पत्र के साथ चरित्र प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। अगर आवेदन कर्ता ने हैसियत प्रमाण पत्र नहीं दिया तो फाइनेंस ब्रीड नहीं खोली जा सकती है। पहली बार, दूसरी बार के री-टेंडर में तीन-तीन आवेदन होना अनिवार्य होता है। तीसरी बार री-टेंडर में एक आवेदन स्वीकार कर लिया जा सकता है। तीसरी बार री-टेंडर में किसी एक कंपनी को व्हाइट टॉपिंग सड़क निर्माण का ठेका दिया जा सकता है।
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व्हाइट टॉपिंग की दस सड़कों में इंदौर और लखनऊ की कंपनियों ने तीन-तीन आवेदन किए है। अधूरे दस्तावेजों को पूरा करने के लिए आवेदन कर्ताओं ने एक शपत्र दिया है। जिसमें दस्तावेजों को पूरा करने की बात लिखी है।
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हरिकांत अहलूवालिया, महापौर
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