डीएम समीर वर्मा और एसएसपी मंजिल सैनी ने सोमवार को संयुक्त रूप से बचत भवन में पुलिस, प्रशासनिक और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें हाईकोर्ट के धार्मिक स्थलों से 15 जनवरी के बाद बगैर अनुमति लगे लाउडस्पीकर को हटाने की रणनीति तैयार की गई। डीएम ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन कराया जायेगा।
डीएम ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह शासन से जारी निर्देशों के अनुरूप अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करें। ऐसे धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों को चिन्हित करें, जहां पर बिना अनुमति के लाउडस्पीकर लगे हैं। उन्होंने कहा कि थानावार राजस्व व पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित करें। यह टीम जिस भी धार्मिक और सार्वजनिक स्थल पर बिना अनुमति के लाउडस्पीकर या अन्य किसी प्रकार के ध्वनि प्रसारण यंत्र को देखें उन्हें निर्धारित प्रारूप पर नोटिस जारी करें। ऐसे स्थलों के चिन्हीकरण 10 जनवरी तक पूर्ण हो जाने चाहिए।
दिया जायेगा अनुमति का मौका
डीएम ने बताया कि बिना अनुमति लाउडस्पीकर या अन्य किसी प्रकार के ध्वनि प्रसारण यंत्र के संचालनकर्ता को अनुमति लेने के लिए मौका दिया जाएगा। संचालन कर्ता को निर्धारित प्रारूप पर 15 जनवरी तक आवेदन कर अनुमति लेनी होगी। इस अवधि तक अनुमति नहीं लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी।
ये रहेगा ध्वनि का मानक
डीएम ने कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75, रात्रि में 70, व्यवसायिक क्षेत्र में दिन में 65 व रात्रि में 55, आवासीय क्षेत्र में दिन में 55 व रात्रि में 45 तथा साइलेंस जोन में दिन में 50 और रात्रि में 40 डेसीबल ध्वनि की सीमा होनी चाहिए।
ये रहे बैठक में मौजूद
बैठक में एडीएम सिटी मुकेश चंद्र, एसपी सिटी मान सिंह चौहान, देहात राजेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट एमपी सिंह, एसडीएम सदर निशा अनंत, सरधना राकेश कुमार सिंह, मवाना अंकुर श्रीवास्तव, एसीएम अमिताभ यादव सहित सभी पुलिस क्षेत्राधिकारी एवं क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।
अजान से नमाज का बुलावा
शहर काजी जैनुससाजिदीन ने कहा कि मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर से अजान देने का मकसद है। हमें उम्मीद है जिन मस्जिदों में पहले से ही लाउडस्पीकर लगे हैं उन पर अजान देने के लिए जिला प्रशासन अनुमति देगा। इस पर किसी भी तरह की रुकावट नहीं होनी चाहिए। अन्यथा विवाद हो सकता है। मस्जिदों के जिम्मेदार लोगों को अनुमति ले लेनी चाहिए।
प्रशासन से लेंगे अनुमति
अध्यक्ष खैरनगर बाजार की होज वाली मस्जिद कमेटी अफजाल अहमद खान ने कहा कि कोर्ट का आदेश सभी के लिए है और उसका सभी को सम्मान करना चाहिए। जहां तक मस्जिदों पर लगे अजान के लिए लाउडस्पीकर का मामला है, इसके प्रयोग के लिये प्रशासन से अनुमति लेने को आवेदन किया जायेगा।
मुतवल्ली शहर घंटा घर की छोटी मस्जिद जफर अहमद अलवी ने बताया कि कोर्ट का आदेश सार्वजनिक हित में है। उसका सम्मान करते हुए आदेश में सबके साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए। किसी की धार्मिक भावना आहत नहीं होनी चाहिए। कानून का पालन करना सबका दायित्व है, जहां तक अनुमित का प्रश्न है, उसके लिये प्रयास किया जाएगा।
ढाई मिनट की अजान
मुतवल्ली, पुर्वा महावीर की आलिया मस्जिद डा. अमीर अहमद ने कहा, सभी को कानून का पालन करना चाहिए। लेकिन जहां तक मस्जिदों के लाउडस्पीकर का प्रश्न है, उसके द्वारा नमाज के लिये केवल पांच वक्त की अजान दी जाती है। अजान ढाई मिनट की होती है। इस लिए लाउडस्पीकर मस्जिदों से नहीं उतरने चाहिए। इसके लिये अनुमति ली जाएगी।
डीजे से होता है ध्वनि प्रदूषण
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व पार्षद हाजी मौ. इकबाल अंसारी ने कहा कि घनी आबादी के चलते शोर-शराबा रहने से बिना लाउडस्पीकर के अजान की आवाज दब जाती है। ध्वनि प्रदूषण ढाई मिनट की अजान से नहीं बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर डीजे बजाने से होता है। उम्मीद है अजान के लिये प्रशासन अनुमति दे देगा।
मंदिर में तो धीमी आवाज में बजता है
अध्यक्ष, औघड़नाथ मंदिर डा. महेश बंसल ने कहा कि हमारे मंदिर कैंट क्षेत्र में है, यहां पर तो पहले से बहुत धीमी आवाज में लाउडस्पीकर बजता है। यह सही है कि अनुमति नहीं है, वैसे भी मंदिर में लंबे समय से लाउडस्पीकर लगा है, तब शायद अनुमति नहीं ली जाती होगी। फिर भी हाईकोर्ट का जो आदेश आया है, उसका पालन किया जायेगा।
एक समान हो कार्रवाई
महामंडलेश्वर, शनिधाम पीठ सदर महेंद्र दास महाराज ने कहा, हम हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। लेकिन सरकार से चाहते हैं कि सभी धार्मिक स्थलों से एक साथ लाउडस्पीकर हटाए जाएं। सबसे पहले मेरठ में मंदिर से लाउडस्पीकर हटाने वालों में हम रहेंगे। रही बात अनुमति की तो अनुमति लेकर ही बजाएंगे।
सुबह-शाम बजता है लाउडस्पीकर
महामंडलेश्वर एवं पीठाधीश्वर बाबा मनोहर नाथ मंदिर मां नीलिमानंद महाराज ने कहा कि हमारे मंदिरों पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर नहीं बजते हैं। वैसे भी मंदिरों पर सुबह शाम ही लाउडस्पीकर बजते हैं। मस्जिदों पर दिन में पांच बार ही नहीं बल्कि कई बार लाउडस्पीकर बजता है। वह भी तेज आवाज में। सबसे पहले प्रशासन को मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाने चाहिए। हम तो कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने को तैयार हैं। अनुमति लेकर ही लाउडस्पीकर बजेगा।
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