दोबारा मतगणना में 110 वोट से जीते थे ओमबीर
कोर्ट में पांच साल तक सुनवाई के बाद दोबारा मतगणना के आदेश जारी किए गए। कोर्ट के आदेश पर हुई दोबारा मतगणना में ओमबीर 110 वोटों से विजयी हुए। कोर्ट ने ओमबीर पधान के पक्ष में फैसला तो सुना दिया लेकिन तब तक दौराला नगर पंचायत का पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा हो चुका था और अगले चुनाव के लिए आचार संहिता भी लगा दी गई थी।
कोर्ट का फैसला आने से पहले ही चेयरमैन का कार्यकाल समाप्त हो जाने के कारण प्रशासक तैनात किए जा चुके थे। जिसकारण दौराला का पहला चेयरमैन बनने की ओमबीर पधान की उम्मीद टूट गई जबकि चौधरी रघुराज सिंह ने दौराला नगर पंचायत के पहले चेयरमैन का अपना कार्यकाल पूरा किया।
देरी से आया फैसला
कोर्ट का फैसला उनके पिता के हक में आया था लेकिन पांच साल का कार्यकाल पूरा हो चुका था और अगले चुनाव के लिए आचार संहिता लग गई थी। यहीं कारण रहा कि उनके पिता कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके। कोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आने के बाद भी उनके पिता अध्यक्ष नहीं बन पाए।
संजय पधान, स्व. ओमबीर पधान के बेटे
कार्यकाल हो चुका था पूरा
ओमबीर ने वार्डो में एक व्यक्ति की दो-दो वोट होने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की थी। कार्यकाल पूरा हो गया था और प्रशासक तैनात कर दिए गए थे। बाद में ओमबीर के पक्ष में कोर्ट का फैसला आया। -चौधरी रघुराज सिंह, पूर्व चेयरमैन दौराला