परीक्षितगढ़- रामलीला मंचन पर अभिनय करते हुए कलाकार।
परीक्षितगढ़। राजा दशरथ की आज्ञा लेकर भगवान श्रीराम ऋषि विश्वामित्र के साथ उनकी यज्ञ की रक्षा करने के लिए चले। रास्ते में राक्षसी ताड़का ने उनका मार्ग रोका तो भगवान श्रीराम ने ताड़का का वध कर डाला। वहीं ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने गौतम ऋषि के आश्रम में अपने चरण रखे और अहिल्या का उद्धार किया। इस दौरान महासचिव श्यामदत्त शर्मा, विष्णु अवतार रुहेला, अध्यक्ष विद्या भूषण गर्ग, भूरे शर्मा, ब्रह्मजीत प्रजापति, भरत अग्रवाल ओमकार शर्मा, विकल नागर, महावीर गुप्ता, जोगेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।