मेरठ। भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक और पारंपरिक यात्रा शुक्रवार को भव्य रूप से निकाली गई। नगर भ्रमण के समय भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा 500 किलो चांदी के रथ पर निकले तो उनके जयकारे गूंज उठे। शहर के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया।
गर्मी के बावजूद लोग भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी झलक पाने के लिए बेताब रहे। सदर स्थित भगवान जगन्नाथ जी मंदिर से यह यात्रा निकाली गई। मंदिर के पुजारी गणेश दत्त शर्मा, विष्णु दत्त शर्मा और शोभायात्रा आयोजन समिति से विजय गोयल, राजेंद्र वर्मा, गणेश अग्रवाल, पवन गर्ग ने मंदिर से भगवान को पालकी में लाकर रथ पर विराजमान किया। शहर के सैकड़ों लोगों ने भगवान को भोग लगाया।
मंदिर के मुख्य द्वार पर विशाल मंच बनाया गया। विधायक अमित अग्रवाल, पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तौगी, सुदेश राणा, अंकित गुप्ता, मनु, नितिन बालाजी, राजू, सरिता माहेश्वरी, आनंद प्रकाश गर्ग, मीना गर्ग, रवि माहेश्वरी, शुभम माहेश्वरी ने पूजन किया।
यात्रा शुरू करते हुए सभी ने भगवान जगन्नाथ जी के जयकारे लगाए। चांदी से मंडित रथ को देशी विदेशी फूलों से सजाया गया था। रथ पर लगी लाइट भी आकर्षण का केंद्र रहीं। 30 से अधिक लोगों ने प्रसाद सेवा दी। यात्रा में प्रचार सेवा संजय जैन, दिनेश गुप्ता, सुरेंद्र सिंधु, मुकेश जैन, अतुल गुप्ता, रजत वालिया, ऋषभ, यशोदा यादव, राकेश गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।
श्रीराम दरबार के साथ झांकियों ने मन मोहा
- यात्रा में शहर के चार प्रसिद्ध बैंड भगवान के मुख्य रथ की अगुवाई में चल रहे थे। नपीरी और ढोल वाले कीर्तन मंडली के साथ गीत गाते हुए चले। मुख्य झांकियों में श्रीराम दरबार, श्री गणेश और राधा कृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने डेढ़ सौ किलो मीठे चावल का भोग अर्पित किया। उद्घाटन का सौभाग्य संजीव किशोर गुप्ता, अरुणा गुप्ता को मिला।
विभिन्न स्थलों पर हुआ प्रसाद का वितरण
- यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरण किया। रथ यात्रा संयोजक गणेश अग्रवाल ने बताया कि 150 से अधिक ठेलों के माध्यम से प्रसाद वितरण किया गया। शिव चौक, हनुमान चौक, आबूलेन, कबाड़ी बाजार और दयानंद पथ पर यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर लोगों ने स्टॉल लगाकर व्यापारी, धर्म प्रेमियों ने प्रसाद वितरण किया। यात्रा विभिन्न मार्गों से होकर देर रात मंदिर प्रांगण पर समाप्त हुई।
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शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई यात्रा
- यात्रा से पहले मंदिर के पुजारी और रथयात्रा आयोजन समिति के सदस्यों के बीच विवाद हो गया था। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया। मंदिर प्रांगण और यात्रा मार्ग में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। रथ में दोनों पुजारी और समिति के लोगों ने विधिविधान से पूजन किया। यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई।