शास्त्रीनगर आई ब्लॉक में शराब के ठेके पर हुआ बवाल सुनियोजित था। पुलिस के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण न करने का विरोध तो सिर्फ एक बहाना था। सहारनपुर की तरह ही मेरठ में भी बवाल कराने की कुछ लोगों ने साजिश रची थी। तीन दिन से एक पार्टी का नेता लगातार बवाल की प्लानिंग बना रहा था। पुलिस का मुखबिर तंत्र और एलआईयू का खुफिया तंत्र भी फेल साबित हुआ। बवाल करने वाले 15 नामजद और 150 अज्ञात लोगोें के खिलाफ थाना मेडिकल पर केस दर्ज हो गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने काफिले के साथ शेरगढ़ी का दौरा कर निकल ही रहे थे कि कुछ शरारती तत्व शास्त्रीनगर पीवीएस रोड पर आ गए। शरारती लोगों ने देशी शराब के ठेके पर धावा बोल दिया। इस दौरान सीएम के काफिले के साथ डीएम और एसएसपी की गाड़ी भी भीड़ में फंस गई। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के सामने ही शरारती तत्वों ने शराब के ठेके पर तोड़फोड़ और आगजनी कर लूटपाट मचा दी।
दोनों अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ नहीं मानी। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो पुलिस और शरारती लोगों में हाथापाई हो गई। मामला इस कदर गर्माया हुआ था कि पुलिस अफसरों ने वहां से निकलना ही उचित समझा। पुलिस के सामने मुख्यमंत्री के पोस्टर व पुतले तक फूंके गए। पुलिस के अनुसार यह बवाल सुनियोजित था। एक पार्टी के नेता के कुछ लोगों को बवाल कराने के लिए उकसाया हुआ था।
सहारनपुर जैसा बवाल करना चाहते थे
पुलिस के अनुसार बवाली इस मामले को जानबूझकर तूल देना चाहते थे। सहारनपुर की तरह मेरठ में भी आगजनी और पुलिस पर हमला करने की कोशिश थी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा होने के बावजूद भी कुछ लोगों की भीड़ उन्माद फैलाने की तैयारी में थी। उनका मकसद सिर्फ बवाल करना था। गनीमत रही कि पुलिस ने स्थिति को जल्द कंट्रोल कर लिया था।
कौन था नेता, जो भड़का दी भीड़
बवाल के पीछे किस नेता का हाथ है, पुलिस ने उसका पता लगा लिया। पुलिस का दावा कि मुख्यमंत्री मलिन बस्ती जाएंगे, इसकी जानकारी उक्त नेता को थी। तीन दिन से यह नेता मलिन बस्ती के लोगों को भड़काने में लगा हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपी नेता के खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे है। जल्द ही आरोपी नेता गिरफ्तार किया जाएगा।
देखते ही देखते मची लूटपाट
पीवीएस के पास शराब के ठेके में देखते ही देखते ऐसी लुट मची कि पुलिस कुछ नहीं कर पाई और लोग शराब के पव्वे और बोतलों को लूटकर ले जा रहे थे। महिलाओं और बच्चों ने भी शराब के ठेके पर लूट मचाई।
कहां सोया था खुफिया तंत्र
पुलिस अफसर खुद कह रहे हैं कि बवाल सुनियोजित था तो ऐसे में बड़ा सवाल है कि खुफिया तंत्र कहां सोया हुआ था। पुलिस और एलआईयू के अफसरों को स्पष्ट जानकारी थी कि मुख्यमंत्री शेरगढ़ी ही पहुंचेंगे, ऐसे में एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए गए। बवाल से निपटने की प्लानिंग क्यों नहीं बनाई गई।
वीडियो में दिखे साफ चेहरे
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि बवाल के दौरान की मिली वीडियो में तोड़फोड़ और लूट करने वालों के चेहरे साफ दिख रहे हैं। प्रारंभिक जांच और वीडियो के आधार पर शराब के ठेके पर मारपीट, लूटपाट, तोड़फोड़ व आगजनी करने वालों 15 लोग नामजद हुए हैं। बाकी 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सभी आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे।