इससे प्रशासनिक अफसरों की चूक कहें या फिर लोकसभा चुनाव 2019 का दबाव। क्योंकि चुनाव होने में अभी एक साल का वक्त है, लेकिन अभी से ही प्रशासन की ओर से नगर व क्षेत्र में स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की डयूटी बीएलओ के रूप में लगा दी गयी है। हैरान करने वाली एक बात यह भी है कि कई विद्यालयों में तैनात अधिकांश शिक्षकों की डयूटी बीएलओ के रूप में लगायी गयी है।
कई विद्यालयों में तैनात सभी शिक्षकों की बीएलओ के रूप मे डयूटी लगा दी गयी है, इससे शिक्षण कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। हालांकि बीएलओ डयूटी कटवाएं जाने को लेकर लगातार शिक्षक तहसील पर प्रदर्शन कर एसडीएम से गुहार लगा रहे है। जब इस संबंध में एबीएसए विनोद वर्मा से बातचीत की गयी तो उनका कहना था कि अभी से ही प्रशासन लोकसभा चुनाव में जुट गया है। इसमें ऐसे शिक्षकों की डयूटी लगायी गयी है जो विद्यालय में एक या दो ही है। एसडीएम आशीष कुमार का कहना था कि शासनादेश पर शिक्षकों की डयूटी बीएलओ में लगायी गयी है। यदि परेशानियों बढ़ती है तो जांच कर डयूटी कटवाए दी जाएगी।
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