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प्रत्याशियों के साथ ही बढ़ रहीं विधायकों की भी धड़कनें, जल्द सामने होगा मेहनत का रिपोर्ट कार्ड

Thu, 23 May 2019 09:38 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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मतगणना - फोटो : अमर उजाला
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मतगणना के परिणाम का जितना इंतजार प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को है, उससे ज्यादा मौजूदा विधायकों को भी है। क्योंकि चुनाव परिणाम से विधायकों की मेहनत का रिपोर्ट कार्ड भी सामने आएगा। मतदान होने से पहले विधायकों को उनके क्षेत्र में अपने प्रत्याशी को पूर्व के चुनाव के मुकाबले बढ़त दिलाने का लक्ष्य दिया गया था।

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अब मतगणना से पता चलेगा कि विधायकों की मेहनत कितनी कामयाब हुई और कितनी बेअसर। दरअसल, 2014 का जब लोकसभा चुनाव हुआ था, तब सहारनपुर लोकसभा सीट में शामिल पांच विधानसभा क्षेत्रों में बेहट, सहारनपुर देहात और रामपुर मनिहारान में बसपा के विधायक थे, जबकि सहारनपुर नगर से भाजपा और देवबंद विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक थे।

2014 के लोकसभा चुनाव में पांचों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर भाजपा प्रत्याशी ने 4,72,999 वोट पाकर जीत हासिल की, जबकि दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद को 407909 वोट मिले थे।  
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तीसरे नंबर बसपा प्रत्याशी जगदीश राणा को 235033 और चौथे नंबर पर सपा प्रत्याशी शाजान मसूद को 52765 वोट हासिल हुए थे। इसके बाद 2017 का विधानसभा चुनाव हुआ, तो उसमें देवबंद और रामपुर मनिहारान से भाजपा के विधायक बने। वहीं, सहारनपुर नगर से सपा, बेहट और सहारनपुर देहात से कांग्रेस के विधायक चुने गए।

अब मौजूदा चुनाव के परिणामों से साबित होगा कि विधायक ने अपने प्रत्याशी को जिताने में कितना असरदार प्रयास किया, या फिर मेहनत में कमी रह गई। क्योंकि पार्टी हाईकमान भी विधायकों से इसका जवाब जरूर लेगा। 

बेहट
इस सीट पर मौजूदा विधायक कांग्रेस के नरेश सैनी हैं। 2014 में बेहट क्षेत्र में कांग्रेस को 89920 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर भाजपा को 79365 वोट हासिल हुए थे। बसपा को 50582 और सपा को 16978 वोट मिले थे। मौजूदा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को यहां कितने वोट मिलते हैं, उससे विधायक की मेहनत का पता चलेगा। 

सहारनपुर
सहारनपुर नगर सीट से संजय गर्ग सपा विधायक हैं। 2014 के चुनाव में इस क्षेत्र में भाजपा को 133577 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर कांग्रेस को 109793 वोट मिले थे। बसपा को 15077 और सपा को 6718 वोट मिले थे। अब बसपा और सपा गठबंधन में हैं, तो नगर विधानसभा क्षेत्र में गठबंधन प्रत्याशी को कितने वोट मिलेंगे, उससे नगर विधायक की मेहनत का अंदाज होगा। 

सहारनपुर देहात
इस सीट पर मौजूदा विधायक कांग्रेस के मसूद अख्तर हैं। 2014 के चुनाव में यहां कांग्रेस को 84823 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर भाजपा को 68623, बसपा को 59742 और सपा को 10324 वोट मिले थे। अब कांग्रेस प्रत्याशी को इस क्षेत्र में फिर से बढ़त मिलती है या नहीं, यह मतणना से पता चलेगा और तय करेगा कि विधायक की मेहनत कितनी असर दिखा पाई। 
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रामपुर मनिहारान
इस सीट पर मौजूदा विधायक भाजपा के देवेंद्र निम हैं। 2014 के चुनाव में यहां भाजपा को 86645 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर बसपा को 63192, कांग्रेस को 56132 और सपा को 7882 वोट मिले थे। यहां भी भाजपा फिर से पहले पायदान पर रहती है या फिर विधायक की मेहनत में कोई कमी रही, इसका पता मतगणना से चलेगा। 

देवबंद
यहां से मौजूदा विधायक भाजपा के कुंवर ब्रजेश सिंह हैं। 2014 के चुनाव में यहां भाजपा को 104051 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर कांग्रेस को 67148, बसपा को 46106 और सपा को 10834 वोट मिले थे। भाजपा प्रत्याशी को फिर से यहां नंबर वन पर रखना क्षेत्रीय विधायक की मेहनत साबित करेगा। 

पदाधिकारियों को भी देना होगा जवाब 
सहारनपुर। लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए विधायकों के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों को भी लक्ष्य दिया गया था। बूथ प्रबंधन मजबूत करने को कहा गया था। चुनाव परिणाम साबित करेंगे कि पार्टी पदाधिकारियों ने प्रत्याशियों के लिए कितना पसीना बहाया, या फिर मेहनत के नाम पर प्रत्याशी को गुमराह करते रहे।

चर्चा यह भी है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने आने पर पार्टी पदाधिकारियों को लेकर भी फैसला होगा। यदि पदाधिकारियों के स्तर पर किसी तरह की कमजोरी की वजह से प्रत्याशी की हार हुई, तो ऐसे पदाधिकारियों की कुर्सी छिन भी सकती हैं। 

 
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