वैज्ञानिकों की टीम का गठन
टिड्डी दल से भारत में पहुंचने के कारण सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि ने वैज्ञानिकों की टीम का गठन किया है। दरअसल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, बागपत, सहारनपुर, मेरठ आदि जिलों में भी इस दल के प्रकोप की आशंका है। गठित टीम किसानों को जागरूक करेगी ताकि वे इस दल से होने वाले नुकसान से बच सकें।
मैलाथियान 50 ईसी 1850 मिली
मैलाथियान 25 डब्लूपी 3700 ग्राम
क्लोरपाइरीफास 50 ईसी 500 मिली
क्लोरपाइरीफास 20 ईसी 1200 मिली
नोट-500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से किसी एक का करना है छिड़काव।
टिड्डी दल इस बार समय से पहले भारत में प्रवेश कर गया है। इसके पीछे वजह जलवायु के परिवर्तन का होना है। वर्षा अधिक होने से इनकी संख्या बढ़ती है। समय से पहले इनका प्रवेश करना गंभीर विषय है। भारत में इस बार मई में प्रवेश करने से किसानों को अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए वैज्ञानिकों की टीम गठित की गई है। जिससे पश्चिमी यूपी के किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
- डॉ. आरके मित्तल, कुलपति सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि मोदीपुरम
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