फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुंदेलखंड पहुंचा टिड्डी दल, मेरठ में अलर्ट जारी, किसान कंट्रोल रूम में करें शिकायत, ये हैं बचाव के उपाय

Mon, 25 May 2020 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
टिड्डी दल (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

राजस्थान और मध्य प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद पाकिस्तानी टिड्डी दल ने उत्तर प्रदेश में भी दस्तक दे दी है। इसे देखते हुए डीएम अनिल ढींगरा ने रविवार को अलर्ट जारी कर किसानों को चौकन्ना रहने की सलाह दी है।

विज्ञापन


डीएम ने बताया कि टिड्डी दल के राजस्थान और मध्य प्रदेश के रास्ते होते हुए झांसी, ललितपुर, जालौन आदि जनपदों में पहुंचने की सूचना मिली है। जिससे सीमावर्ती जिले आगरा एवं मथुरा में टिड्डी दल के आने की संभावना बढ़ गई है।

आने वाले दिनों में मेरठ जनपद में भी टिड्डी दल आने का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा राहत दल का गठन किया गया है। ये सभी टीम उनके पर्यवेक्षण में कार्य करेंगी।
विज्ञापन




विशेषज्ञों के अनुसार टिड्डी कीट का आकार 2 से 2.5 इंच का होता है। यह 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक दिन में 150 किलोमीटर तक उड़ने की क्षमता रखता है। यह लाखों करोड़ों की संख्या में झुंड के रूप में 3 से 5 किलोमीटर में एक साथ उड़ते हैं।

ये जहां से गुजरते हैं वहां बादल की तरह अंधेरा छा जाता है और लगभग 15 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैल जाता है। टिड्डी अपने वजन से अधिक भोजन खाती है। हरी पत्तियां एवं उस पर लगे फूल, फसल के बीज आदि टिड्डी के पसंदीदा हैं।

विज्ञापन

नियंत्रण के उपाय
इस कीट का आक्रमण होने पर पटाखे, ढोल, नगाड़ा, थाली और डीजे आदि बजाकर और शोर मचाकर कीटों को खेत में अथवा पेड़ पौधों पर बैठने न दिया जाए।
खेत किनारे गहरी नालियां बनाकर उनमें गिरने वाले टिड्ढी के शिशु निंफ को मिट्टी से दबा दिया जाए। लाइट ट्रैप का प्रयोग कर नष्ट किया जाए।
टिड्डी दल शाम को 5 बजे से 7 बजे के आसपास जमीन पर बैठ जाता है। सुबह 8 से 9 बजे के करीब उड़ान भरता है। इसके बैठने की अवधि में ही कीटनाशकों का छिड़काव कर इसे मारा जा सकता है।

रासायनिक उपचार
  • इस कीट के उपचार हेतु मेलाथियान 96 प्रतिशत का छिड़काव करना चाहिए।
  • क्लोरोपाइरीफोस 20 प्रतिशत ईसी की डेढ़ लीटर मात्रा या क्लोरोपाइरीफोस 50 प्रतिशत प्लस साइपरमेथ्रिन 5 फीसदी की 500 एमएल मात्रा अथवा लेमडासायहेलोथरीन 5 फीसदी की 500 एमएल मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव किया जाए।
  • मेलाथियान 5 फीसदी धूल या फेनवेनरेट 0.5 फीसदी धूल 25 किलोग्राम अथवा क्लोरोपाइरीफोस 10 फीसदी धूल 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से डस्टिंग कराई जाए।

कंट्रोल रूम में शिकायत करें किसान
कीट का प्रवेश होने पर जनपद में तकनीकी क्षेत्रीय कर्मचारियों से संपर्क स्थापित कर नियंत्रण के संबंध में जानकारी लेकर कीट का नियंत्रण किया जाए। मेरठ में 24 घंटे किसानों द्वारा टिड्डी आक्रमण की सूचना के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान कंट्रोल रूम नंबर 0121- 2660600 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें