शामली में लॉकडाउन के दौरान बुधवार को स्टेशनरी की दुकानें सुबह तीन घंटे खुलीं। अभिभावकों ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए बच्चो की किताबें खरीदीं। पुलिस ने लॉकडाउन का सख्ती के पालन करते हुए दुपहिया वाहनों के चालान किये। हॉटस्पॉट इलाको में पुलिस की गश्त रही है। राशन, सब्जी व जरूरी सामान की दुकानों पर लोगों ने सोशल डिस्टेंस का पालन कर सामान खरीदा।
शामली में स्टेशनरी की दुकानों को इस सप्ताह तीन दिन खोलने के निर्देश दिए गए हैं। सुबह 6 से 9 बजे तक दुकानें खुलते ही ग्राहकों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। बहुत से अभिभावकों को बिना किताबे लिए वापस लौटना पड़ा।
बिजनौर में जिला प्रशासन ने सब्जी मंडियों में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन कराना शुरू कर दिया है। धामपुर, चांदपुर व नगीना में एसडीएम ने चिकित्सकों की टीम से सब्जी मंडी में उपभोक्ताओं व दुकानदारों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई। वहीं जो लोग बेवजह घरों से निकल रहे हैं ऐसे लोगों को अफसर घूम-घूमकर फटकार लगा रहे हैं।
लॉकडाउन का पालन कराने के लिए अब सख्ती अख्तियार कर ली गई है। इसका असर भी दिख रहा है। पहले के मुकाबले अब सड़कों पर कम भीड़ दिख रही है। बैंकों में उपभोक्ताओं की भीड़ भी अब कम होने लगी है।
बागपत जिले में दुपहिया वाहनों पर निकलने वालों की संख्या बढ़ रही है। इसके अलावा दूसरे राज्यों से आवागमन रोकने के लिए बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाई गई है। हरियाणा के अलावा गाजियाबाद बॉर्डर पर दिल्ली से आवागमन रोकने के लिए एसपी ने निर्देश दिए हैं। शहर व देहात में बाजार 9 बजे तक खुले। अधिकतर स्थानों पर स्थिति सामान्य रही।
मुजफ्फरनगर में बुधवार को 6 से 9 बजे तक रियायत वाली दुकानें खुलीं। सब्जी मंडी और दाल मंडी में भीड़ रही। 9 बजते ही पुलिस ने बाजार बंद करा कर सड़कों पर घूम रहे वाहनों का चालान किया। बैंकों पर महिलाओं के भीड़ रही। पुरकाजी में 6 नए केस सामने आने पर पूरा कस्बा सील रहा, कोई दुकान नहीं खुली। उधर, खतौली में सुबह दुकानें खुली। डीएम ने पुरकाजी और खतौली कस्बे का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
जनपद में कोरोना पॉजिटिव के 17 केस आने पर पुलिस प्रशासन और सख्त हो गया है। नागरिकों को मिलने वाली रियायतों में कटौती की जाएगी। वहीं सील किए गए हाॅटस्पाट में सन्नाटा पसरा हुआ है। डीएम ने जनपद में उद्योग चलाने का आदेश वापस लेते हुए कहा है कि 3 मई तक उद्योगों को चलाने की छूट नहीं दी जाएगी।
सहरानपुर जिले में लॉकडाउन के बीच बुधवार को मोरगंज की थोक मंडी के लिए नया रोस्टर और कलस्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है। इसके तहत किराना कारोबारी तय रोस्टर के हिसाब से ही कारोबार कर सकेंगे। उनकी मनमानी रोकने के लिए टेलीफोनिक आर्डर बुक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आम लोगों के लिए इन दुकानों से खरीदारी नहीं हो सकेगी।
कोरोना संक्रमितों के मामले और बढ़ने के बाद हॉटस्पॉट सहित अन्य इलाकों में और सख्ती बढ़ा दी गई है। मुख्य मार्गों के अलावा अंदर की कई गलियों को ब्लॉक करा दिया गया है। रामपुर मनिहारान और गंगोह में इस व्यवस्था का असर अधिक देखने को मिला है।
जिले में कोरोना संक्रमण के मामले में अब तक जहां विदेशी सहित कई राज्यों की जमात से जुड़े जमाती और उनके संपर्क में आने वाले संक्रमित मिल चुके हैं। वहीं, जिले के रहने वाले जमाती बाहरी जनपदों में भी संक्रमित हो रहे हैं। इस बार रायबरेली में यहां के 17 जमातियों में संक्रमण की जानकारी अब तक मिल चुकी है। इनके अलावा और जमातियों के आने की आशंका है।
इससे पहले भी यहां से जाने के बाद लखनऊ रहने वाले 12 जमातियों में कोरोना संक्रमण मिल चुका है। कुछ अन्य जिलों से भी सूचनाएं आती रहीं हैं। इसके चलते यहां से लेकर बाहरी जिलों में भी कोरोना से संकरण बढ़ाने में इन जमातियों की बड़ी भूमिका रही है।
इन हालात में पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जिले के अंदर के अलावा बाहर मिल रहे जनपद से जुड़े जमातियों, उनके परिजनों और संपर्क में रहे लोगों की हेल्थ और ट्रेवल हिस्ट्री जुटानी पड़ रही है।