कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन के चलते बैंड, बाजा, बरात पर पूरी तरह ब्रेक लगा हुआ है। अप्रैल मध्य सप्ताह में खरमास के समाप्त होते ही विवाह की धार्मिक अड़चनें समाप्त हो जाएंगी। हालांकि, कोरोना के खौफ ने अप्रैल के बाद मई तक की बुकिंग को प्रभावित कर दिया है। ऐसे में बाजार को 412 करोड़ का घाटा उठाना पड़ेगा। कोरोना ने गारमेंट, ऑटो मोबाइल, ज्वैलरी, कॉस्मेटिक, डेकोरेशन, मंडप, कैटरिंग, फूडिंग, बैंड बाजा सहित पूरे सिस्टम को शटडाउन कर दिया है। मंडपों में मार्च की बुकिंग पहले ही समाप्त हो गई हैं।
मेरठ मंडप एसोसिएशन के महामंत्री देवेंद्र गोयल ने बताया कि शहर में दो माह में लगभग दो हजार विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं। एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद गुप्ता मारवाड़ी ने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का हमें हर हाल में पालन करना चाहिए। शहर में एक मुहूर्त में अधिकतम 300 विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रम होते हैं। लॉकडाउन के कारण लोगों ने मंडपों की बुकिंग रद्द कर दी है। लगभग 1800 विवाह आदि कार्यक्रम स्थगित हुए हैं। हुंडई के मसूद खान ने बताया कि मार्केट फरवरी के बाद उठा था। लेकिन कोरोना ने इसे जीरो कर दिया। रेनाल्ट की क्विड और ट्राइबर, मारुति की अर्टिगा स्पोर्ट, विटारा ब्रेजा आदि की सेल लॉकडाउन के चलते जीरो है। ऐसे में वाहन उद्योग को 30 करोड़ का घाटा संभावित है।
सदर बाजार में शूज शोरूम संचालक जकीउद्दीन के अनुसार, मार्केट 2020 की शुरुआत से ही डाउन था। वहीं, 85 फीसदी मैटेरियल चीन से आता है। बाजार में बहुत से लोगों की दुकानें किराए की हैं। ऐसे में कर्मचारियों की सैलरी और किराए की भी चिंता है। बाजार को लगभग पांच करोड़ का नुकसान होगा। होटल एसोसिएशन के महामंत्री नरेंद्र सिंह ने बताया कि होटल का कारोबार विवाह आदि कार्यक्रमों से भी बहुत हद तक जुड़ा है। ऐसे में करोड़ों का नुकसान होगा। अप्रैल और जून में होने वाले विवाह आदि आयोजन अगर तीन से चार माह के लिए स्थगित हो गए तो कारोबार पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा। इलेक्ट्रानिक व्यापारी आनंद कुमार ने बताया कि 50 करोड़ से अधिक का घाटा होगा।