हस्तिनापुर। थाना क्षेत्र के गांव रठौरा खुर्द में स्थित केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक संदेश कुमार वर्मन ने जमीन पर बैंक से लोन लेकर चुकता न करने और नकली दस्तावेजों के आधार पर भूमि बेचने के मामले में छह लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
रठौरा खुर्द स्थित केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक ने रिपोर्ट में बताया कि थाना बहसूमा क्षेत्र के गांव सैफपुर फिरोजपुर निवासी प्रवेश, आदेश व आलोक पुत्र महाराज सिंह ने अपनी भूमि को बंधक कर 30 नवंबर, 2007 को 60 हजार रुपये का बैंक से कृषि ऋण लिया था। इसमें हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के कुंहेडा गांव निवासी सतेंद्र पुत्र विशेश्वर नाथ गारंटर बने। सभी ने ऋण लेते समय बैंक की प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए अपनी कृषि भूमि बैंक के पक्ष में बंधक कर रखी। मवाना तहसील के अभिलेखों में भी मूल खसरा खतौनी पर उक्त ऋण राशि लिखी हुई है।
शाखा प्रबंधक का आरोप है कि ऋण लेने के कुछ समय बाद इन लोगों ने बैंक की किश्त अदा करनी बंद कर दी। इससे उनका ऋण खाता एनपीए हो गया। बैंक शाखा द्वारा बार-बार तकादा करने पर भी उक्त लोगों ने बैंक से लिया ऋण अदा नहीं किया तो बैंक को शक हुआ। बैंक अधिकारियों ने उक्त प्रकरण की जांच की तो उन्हें पता लगा कि बैंक से अनापत्ति प्रमाणपत्र व भार मुक्त प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना ही आदेश पुत्र महाराज सिंह ने 22 सितंबर, 2011 को सविता पत्नी वीरपाल व आलोक कुमार पुत्र महाराज सिंह ने 26 जुलाई, 2010 को सरोजपाल पुत्र दल सिंह को केनरा बैंक के पास बंधक रखी कृषि भूमि को बैंक से धोखाधड़ी कर गैरकानूनी तरीके से बेच दिया।
इस मामले में प्रवेश, आदेश व आलोक, सतेंद्र, सविता व सरोजपाल आदि संयुक्त रूप से शामिल है। बैंक मैनेजर ने बताया कि इस मामले में थाना प्रभारी हस्तिनापुर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत पत्र भेजा गया था, परंतु उस समय आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई थी। अब पुलिस ने केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।