मेरठ। डॉ. विनेता ने छात्राओं को बताया कि जीवन एक ही बार मिलता है इसलिए इसे सकारात्मक रूप से जिएं। परिस्थितियां चाहे जैसी भी हो जीवन का अंत कर देना उसका समाधान नहीं है, परिस्थितियों से लड़ना आना चाहिए। आत्महत्या रोकथाम दिवस इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज में बुधवार को मनोविज्ञान विभाग में मनाया गया। जिसका विषय
‘आत्महत्या की रोकथाम के लिए परिवार और दोस्तों को मनोवैज्ञानिक शिक्षा देना’ रहा। मुख्य वक्ता विभाग प्रभारी डॉ. वंदना शर्मा ने छात्राओं को आत्महत्या के आरंभिक संकेत और उनकी पहचान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आत्महत्या रोकी जा सकती है, पर समय रहते मदद ली जाए और साथ दिया जाए तब। कार्यक्रम में छात्राओं से आत्महत्या के संकेतों से संबंधित क्विज का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विदुषी वशिष्ठ और सोनवीर का सहयोग रहा। संवाद