मेरठ। श्री रामनवमी के पावन अवसर पर मंदिरों में धर्मगुरुओं द्वारा आयोजन किए गए। वहीं, घरों में लोगों ने दीपक जलाकर पूजा-अर्चना की। इसके अतिरिक्त घरों के मुख्य द्वार पर एवं अन्य स्थानों पर दीपक जलाए गए।
गायत्री परिवार मेरठ द्वारा रामनवमी पर्व पर नौ दिवसीय आयोजन में गायत्री साधकों ने 24 हजार अथवा 11 हजार गायत्री मंत्र जप कर पूर्णाहुति दी। अपने-अपने घरों में श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना की गई। गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र एवं अथर्ववेद के रोगनाशक मंत्र से आहुतियां प्रदान की गईं। लॉकडाउन के कारण मिशन के मुख्य केंद्र गायत्री शक्तिपीठ कल्याण नगर के बंद होने के कारण प्रतिवर्ष होने वाले सामूहिक कार्यक्रम के स्थान पर सभी परिजनों को अपने-अपने घर पर ही यज्ञ एवं रामनवमी पूजन करने का आग्रह किया था। इस बार हजारों की संख्या में गायत्री परिवार के सदस्यों ने अनुष्ठान एवं नियमित यज्ञ किए। सभी परिजनों ने कन्या भोजन न कराकर उस धनराशि को प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष अथवा मिशन केंद्र शांतिकुंज हरिद्वार के आपदा राहत कोष में जमा कराया है। विभिन्न स्थानों तथा फाजलपुर, रिठानी, मलियाना, मोदीपुरम, लालकुर्ती आदि स्थानों पर गायत्री परिवार के लोगों ने गरीब तथा असमर्थ लोगों को आर्थिक सहायता एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। शाम को सभी परिजन अपने घर के द्वार पर नौ दीपक जलाए एवं श्रीराम स्तुति का गायन कर रामनवमी पर्व मनाएंगे।