मेरठ के गंगानगर में शराब पीने से हुई दो सगे भाइयों की मौत के मामले को पुलिस रफा-दफा करने में जुट गई है। स्थानीय लोगों के आक्रोश के बावजूद शराब का ठेका फिर से खोल दिया। इस पर लोगों ने नाराजगी जताई। वहीं, दूसरे दिन भी आबकारी विभाग द्वारा शराब की जांच नहीं करने को लेकर लोगों में रोष दिखाई दिया। थाना पुलिस ने भी शराब ठेका हटाने की मांग को नजरअंदाज कर दिया।
मवाना रोड स्थित सूर्य अस्पताल के सामने रविवार सुबह अपने ही घर में दो सगे भाई मीरपाल व विकास जाटव मृत मिले थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। मीरपाल के बेटे दीपांकर ने पुलिस को बताया था कि उसके पापा व चाचा ने घर के पास में ही देशी शराब के ठेके से खरीदकर शराब पी थी। हालांकि, पुलिस इसे नकारती रही और दोनों भाइयों की मौत को संदिग्ध बताती रही।
स्थानीय लोगों ने भी शराब ठेका हटवाने की मांग को लेकर हंगामा किया था। मामले को बढ़ता देख पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर पुलिस ने बिसरा सुरक्षित रख लिया। मामले को लेकर गंगानगर थाना प्रभारी पीड़ित परिजनों से कई बार मुलाकात कर चुके हैं, जिससे वह शराब से मौत होने की बात न करें।
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दो भाइयों की मौत का नहीं असर, खूब बेची शराब
सूर्य अस्पताल के सामने पीडब्ल्यूडी की भूमि पर बनी अवैध दुकानों में गंगानगर के लिए आवंटित देसी शराब के ठेके को स्थानीय लोगों ने हटाने की मांग की थी। रविवार को तो ठेका बंद रहा। लेकिन सोमवार सुबह अपने तय समय पर ठेका खुला। रोजाना की तरह लोगों की भीड़ लगी रही। लोग सड़क पर ही खड़े होकर शराब पीते नजर आए। यह देख स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि वह मंगलवार को जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत करेंगे और ठेका हटवाने की मांग करेंगे।
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