होली का त्योहार करीब आते ही शराब तस्कर सक्रिय हो गए हैं। शहर में आसपास के प्रदेशों से शराब मंगाई जा रही है। आबकारी विभाग इस ओर से बेखबर है। विभाग इस समय शराब ठेकों की लाइसेंस प्रक्रिया में उलझा है। इसका लाभ तस्कर उठा रहे हैं।
होली और दिवाली पर शराब की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में शराब तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। इस साल शराब माफिया पर नकेल कसने के लिए विभाग ने प्लानिंग की थी, लेकिन लाइसेंस प्रक्रिया के चलते सारी तैयारियां धरी रह गई हैं। विभाग ने तस्करों के खिलाफ अभी तक अभियान नहीं शुरू किया है। इसका फायदा उठाकर शहर में धड़ल्ले से तस्करी कर शराब लाई जा रही है।
होली पर शराब की तस्करी रोकने के लिए आबकारी विभाग ने 146 शराब तस्करों की लिस्ट पर काम शुरू किया था। लेकिन विभाग की लाइसेंसी प्रक्रिया ने अभियान की हवा निकाल दी। इस बीच शराब तस्कर सक्रिय हो गए। कंकरखेड़ा, टीपीनगर, ब्रह्मपुरी, परतापुर, लालकुर्ती में तस्करी की शराब जुटाई जा रही है। माफिया नए ठिकाने पर शराब की खेप जमा कर रहे हैं।
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शराब लाइसेंस प्रक्रिया के चलते तस्करों के खिलाफ अभियान कुछ प्रभावित हुआ। जल्द टीमें सक्रिय रूप से अभियान चलाकर शराब तस्करों पर शिकंजा कसेंगी। मुखबिर तंत्र को भी हिदायत दी गई है। - आलोक कुमार, जिला आबकारी अधिकारी